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आपने अपने घर में आरओ लगाया है। क्या आपको पता है कि इसके बाद भी आपके पीने के पानी की गुणवत्ता कैसी है? क्या आपको आरओ लगाने की जरूरत थी? इन सब सवालों के जवाब लेकर आ रहा है पेयजल विभाग। अपने घर के पानी का सैंपल ले जाकर आप महज 10 रुपये में इन सभी सवालों का जवाब हासिल कर सकेंगे।

पेयजल विभाग के अंतर्गत जल संस्थान के स्तर से पानी की सप्लाई को अगले चरण में बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। पेयजल विभाग ऐसी योजना बना रहा है, जिसमें न केवल हर घर में आने वाले पानी बल्कि हर गली-मोहल्ले के पानी की भी जांच हो सकेगी। यह जांच प्रदेशभर की एनएबीएल एप्रूव्ड लैब में होगी। 

आने वाले समय में पेयजल विभाग की ओर से हर मोहल्ले में डिस्पले स्क्रीन भी लगाए जाएंगे। इन पर 13 मानकों के हिसाब से वहां के पानी की गुणवत्ता प्रदर्शित की जाएगी जो कि भविष्य में डिजिटल स्क्रीन का रूप लेगी। पेयजल विभाग के मुताबिक, आने वाले छह से आठ महीने में यह योजना धरातल पर नजर आने लगेगी।

उत्तराखंड में देश की सबसे ज्यादा एनएबीएल मान्य लैब

प्रदेश में पिछले साल राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त एक ही लैब थी। अब इनकी संख्या देश में सबसे ज्यादा है। सचिव पेयजल नितेश झा के मुताबिक, प्रदेश में 13 जिलों में 13 एनएबीएल एप्रूव्ड लैब हैं। 13 महत्वपूर्ण सब डिवीजन में 13 एनएबीएल लैब और राज्य की एक लैब मिलाकर कुल 27 मान्यता प्राप्त लैब हैं।

हम लोगों को जो पेयजल सप्लाई कर रहे हैं। अब उसकी गुणवत्ता के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू करने जा रहे हैं। हर घर को दस रुपये में अपने पानी की जांच का मौका दिया जाएगा। गली मोहल्लों के पानी की गुणवत्ता भी जांचकर डिस्पले की जाएगी। इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। – नितेश झा, सचिव पेयजल


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By udaen

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