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anand mahindra divyang vishnu patel: सूरत में कबाड़ से दिव्‍यांग विष्‍णु पटेल ने बनाई ई-बाइक, आनंद महिंद्रा ने किया बड़ा ऐलान – divyang vishnu patel made an e bike from junk in surat anand mahindra made a big announcement for him |

 

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने विष्‍णु पटेल को लेकर लिखा क‍ि मैं उनसे संपर्क करूंगा और यह देखूंगा कि क्‍या उनके वर्कशॉप को अपग्रेड करने के लिए मैं निवेश कर सकता हूं या नहीं।

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अपनी ई-बाइक के साथ व‍िष्‍णु पटेल

हाइलाइट्स:

  • गुजरात के सूरत में रहने वाले 60 साल के विष्‍णु पटेल ने कबाड़ से ई-बाइक बनाई
  • बचपन में ही पोलियो के शिकार हो गए विष्‍णु पटेल तभी से ठीक से चल नहीं पाते हैं
  • उन्‍होंने कबाड़ से ई-बाइक बनाई है जो चर्चित उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भा गई है

सूरत
कहते हैं कि जहां चाह है, वहां राह है। कुछ ऐसा ही हुआ गुजरात के सूरत में रहने वाले 60 साल के विष्‍णु पटेल के साथ। बचपन में पोलियो के शिकार हो गए विष्‍णु पटेल ठीक से चल नहीं पाते। उन्‍होंने मोटरसाइकिल के कचरे, लैपटॉप और स्‍मार्टफोन की बैट्री की मदद से ई-बाइक बना डाली। विष्‍णु पटेल का यह आइडिया चर्चित उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भा गया और उन्‍होंने विष्‍णु पटेल की मदद के साथ-साथ एक करोड़ रुपये का फंड बनाने का ऐलान किया है। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने विष्‍णु पटेल को लेकर किए गए ट्वीट के जवाब में लिखा, ‘शानदार खबर। मैं विष्‍णु पटेल से संपर्क करूंगा और यह देखूंगा कि क्‍या उनके वर्कशॉप को अपग्रेड करने के लिए मैं निवेश कर सकता हूं या नहीं। वास्‍तव में उन्‍होंने मुझे निजी तौर प्रेरित किया है कि मैं देश के छोटे उद्यमियों के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड बनाऊं। बहुत सारी प्रतिभाएं और इनोवेशन पहयान के इंतजार में हैं।’

 

आनंद महिंद्रा का ट्वीट

विष्‍णु पटेल ने कोई ट्रेनिंग नहीं ली 
बता दें कि इस ई-बाइक को बनाने से पहले विष्‍णु पटेल ने कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी। वह ज्‍यादा पढ़े लिखे भी नहीं हैं। उन्‍हें सुनने में भी दिक्‍कत होती है। इन सब दिक्‍कतों के बाद भी विष्‍णु पटेल ने हार नहीं मानी और एक छोटे से कमरे में ई-बाइक बना डाली। वैसे उनका परिवार कॉपर वायर ड्राइंग डाईज का बिजनस करता है। इसे विष्‍णु ने ही शुरू किया था।

 

विष्‍णु पटेल की ई-बाइक

विष्‍णु पटेल कुछ समय पहले यूपी के मथुरा गए थे और वहां उन्‍होंने ‘देसी जुगाड़’ वाली गाड़ी देखी। इसके बाद उन्‍होंने भी कुछ ऐसा ही कर डालने की ठानी। छह महीने की कड़ी मशक्‍कत करने के बाद उन्‍होंने ई-बाइक बना डाली। उन्‍होंने बाइक बनाने के लिए पुरानी मोटरसाइकल के पार्ट्स, लैपटॉप, मोबाइल आदि बैटरी खरीदी। विष्‍णु पटेल का इरादा अब सौर ऊर्जा पर काम करने का है। वह और ज्‍यादा ई-बाइक बनाना चाहते हैं लेकिन फंड की समस्‍या है। आनंद महिंद्रा की मदद के बाद अब उम्‍मीद है कि वह अपना सपना पूरा कर पाएंगे।

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By udaen

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