सरकारी नौकरी की चकाचौंध छोड़कर शुरू किया डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार, आज हर महीने कमाते हैं लाखों रुपए 18 साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाया डबल डायमंड का मुकाम, भारत में दूसरे सर्वोच्च पायदान पर पहुंचे

नई दिल्ली। हमारे देश में जीवनयापन के लिए शुरू से ही नौकरियों को महत्ता दी जा रही है। इसमें भी सरकारी नौकरियों को ज्यादा महत्ता दी जाती है। आज के युवाओं का बस एक ही सपना रहता है कि उन्हें पढ़-लिखकर बस एक सरकारी नौकरी मिल जाए ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रही। इस सबके बीच देश में कई लोग ऐसे भी हैं जो अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर व्यापार की राह चुनते हैं। इनमें कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने हुनर के दम पर सफलता के रिकॉर्ड बनाए हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने नौकरी की चकाचौंध को छोड़कर डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार अपनाया। आज वह जिस कंपनी के साथ कारोबार कर रहे हैं उस कंपनी में भारत में सर्वोच्च दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। ये भी पढ़ें–1 साल में 10 लाख से ज्यादा की नकद निकासी पर लग सकता है टैक्स, सरकार कर रही है विचार

18 साल पहले पत्नी के साथ शुरू किया डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार आज हम आपको जिस व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं उनका नाम प्रियम्वद सिंह हैं। प्रियम्वद का जन्म बिहार के बेगुसराय जिले में हुआ है। वर्तमान में वे पटना में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी सुनाती के अलावा तीन बच्चे भी हैं। हाल ही में एक हिन्दी मैगजीन से बात करते हुए प्रियम्वद ने बताया कि वह बचपन से ही कुछ बड़ा करना चाहते थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत आईएएस कोचिंग सेंटर में पढ़ाने से की थी। इसके बाद उन्होंने कई काम किए। इस बीच उन्हें सरकारी नौकरी भी मिल गई, लेकिन कुछ बड़ा करने के जुनून से वह रुके नहीं और 2001 में पत्नी के साथ अपने बचे हुए समय को इस्तेमाल करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय कंपनी एमवे के साथ डायरेक्ट सेलिंग का कार्य शुरू किया। इस बीच उन्होंने अपने दूसरे कारोबार भी किए, लेकिन अद्भुत नेतृत्व झमता और कुशल वक्ता होने के कारण उन्हें डायरेक्ट सेलिंग के कारोबार में लगातार सफलता मिलती गई।

ये भी पढ़ें–28 फीसदी वाले टैक्स स्लैब से हटाए जा सकते हैं कई सामान, कुछ पर घट सकती है कर की दरमई 2019 में मिली डबल डायमंड की उपाधि प्रियम्वद बताते हैं कि एमवे के अपने सफर में वह अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न सेमिनारों के जरिए पांच लाख से ज्यादा लोगों को संबोधित कर चुके हैं। प्रियम्मवद सिंगापुर, मेलबर्न, टोरंटो, पेरिस, बार्सिलोना, मेड्रिड जैसे शहरों में आयोजित सेमिनारों में विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किए जा चुके हैं। प्रियम्वद ने बताया कि इस साल 18 मई को उन्हें लास वेगास में डबल डायमंड की उपाधि से सम्मानित किया गया है। ये भी पढ़ें–आधारकार्ड धारकों को 2 लाख रुपए तक का लोन दे मोदी सरकार: अनिल अग्रवाल

डायरेक्ट सेलिंग स्वरोजगार का बेहतर माध्यम प्रियम्वद का कहना है कि आज कोई भी ऐसा राज्य या राष्ट्र जहां पर अधिक जनसंख्या है, वह सभी लोगों को नौकरी देने में सझम नहीं है। भारत में भी यही स्थिति है। ऐसे में भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए स्वरोजगार बेहतर माध्यम है। प्रियम्वद के अनुसार, इस समय डायरेक्ट सेलिंग बेहतर कारोबार है और इसमें लाखों युवाओं को स्वरोजगार देने की झमता है। खास बात यह है कि कोई भी युवा मामूली से पूंजी निवेश और बचे हुए समय का इस्तेमाल कर इस स्वरोजगार को कर सकता है। एमवे में डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े एक अन्य व्यक्ति के अनुसार, उनकी कंपनी में डायमंड और डबल डायमंड की उपाधि पाने वाले व्यक्ति हर महीने लाखों रुपए कमाते हैं। पांच साल में 65,500 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा डायरेक्ट सेलिंग का कारोबार वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन की ओर से हाल ही में पूरी दुनिया में डायरेक्ट सेलिंग से जुड़े कुछ आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार, 2017 में विश्व स्तर पर डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने 189.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार किया है। भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने 2017 में 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर करीब 10 हजार करोड़ रुपए की खुदरा बिक्री की है और बीते तीन साल में इसमें 5.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि आने वाले पांच सालों में भारत का डायरेक्ट सेलिंग कारोबार 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 65,500 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा। अभी 50 लाख लोग जुड़े हैं डायरेक्ट सेलिंग कारोबार से वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन के अनुसार, भारत में अभी करीब 50 लाख लोग डायरेक्ट सेलिंग के कारोबार से जुड़े हैं। एसोसिएशन का कहना है कि युवाओं खासकर महिलाओं को यह कारोबार ज्यादा लुभा रहा है। इसका कारण यह है कि इस कारोबार को बचे हुए समय में भी किया जा सकता है और इसमें सफलता की अपार संभावनाएं हैं। एसोसिएशन के अनुसार अगले पांच सालों में भारत में करीब 20 मिलियन (2 करोड़) लोग डायरेक्ट सेलिंग के कारोबार से जुड़ जाएंगे। क्यूनेट लिमिटेड के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक ऋषि चांडियोक का कहना है कि इस उद्योग के अधिक संगठित बनाने के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने 2016 में डायरेक्ट सेलिंग गाइडलाइंस प्रस्तुत की थीं। वर्तमान में 11 राज्य इन गाइडलाइंस को अपना चुके हैं। क्या है एमवे एमवे (Amway) एक एफएमसीजी कंपनी है जो डायरेक्ट सेलिंग मॉडल के जरिए कारोबार करती है। इस मॉडल के तहत ग्राहकों को कंपनी का एजेंट बनाया जाता है जो सीधे तौर पर दूसरे ग्राहकों को सामान बेचते हैं। इसी प्रकार अन्य ग्राहकों को भी दूसरे ग्राहकों को सामान बेचना होता है। इस मॉडल में ग्राहकों को सीधे तौर पर कमीशन नहीं मिलता है बल्कि कंपनी बोनस और रिवॉर्ड प्वाइंट देती है। कमाई के मामले में एमवे प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G), जिलेट और इमामी जैसी देशी-विदेशी एफएमसीजी कंपनियों से कहीं आगे हैं।

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