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रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय

श्री गौड़ा और श्री मंडाविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम सेराष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) मोहाली और रायबरेली के कामकाज की समीक्षा की

श्री गौड़ा ने कहा कि परीक्षण, परामर्श और इन्‍क्‍युबेशन केन्‍द्रों जैसी सेवाओं के विस्तार के माध्यम से उद्योग विशेष रूप से एमएसएमई की सहायता करना समय की जरूरत है

श्री मंडाविया ने कहा कि ऐसे अनुसंधान कार्यों में जोलोगों की भलाई पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं, प्राथमिकता के आधार पर तेजी लाई जानी चाहिए।

 PIB Delhi

केन्द्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा और रसायन और उर्वरक राज्‍य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया ने कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) मोहाली और रायबरेली के कामकाज की समीक्षा बैठक की।

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इस समीक्षा बैठक में सचिव (फार्मास्यूटिकल्स), डॉ. पी. डी. वाघेला और फार्मास्यूटिकल्स विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

इस अवसर पर श्री गौड़ा ने कहा कि स्‍थापित किये जाने वाले बल्‍क ड्रग और चिकित्‍सा उपकरण पार्कों के विकास में एनआईपीईआर को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि टीबी, मलेरिया, काला अजार, कैंसर, मधुमेह, मोटापा जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए औषधियों की खोज पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। औषधियों का पुनर्वर्गीकरण और विकास ध्‍यान केन्द्रित किये जाने के अन्य क्षेत्र हो सकते हैं। मोहाली जैसे एनआईपीईआर को अपने उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र विकसित करने चाहिए, क्‍योंकि अनुसंधान और विकास पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व वाली वर्तमान सरकार द्वारा जोर दिया जा रहा है।

उन्‍होंने यह भीकहा कि परीक्षण, परामर्श और इन्‍क्‍युबेशन केन्द्रों जैसी सेवाओं के विस्तार के माध्यम से उद्योग, विशेष रूप से एमएसएमई की सहायता करना समय की जरूरत है। राजस्व जुटाने की हर संभावना का पता लगाया जाना चाहिए और एनआईपीईआर को चाहिए कि वे स्‍वयं को आत्मनिर्भर प्रीमियर संस्थानों के रूप में विकसित करें। उद्योग और अकादमिक संबंधों को मजबूत किये जाने की आवश्यकता है, जिससेएनआईपीईआर के पास मौजूद पेटेंटों को व्‍यावसायिक बनाने में भी लाभ उठाया जा सकता है।

श्री मंडाविया ने कहा कि ऐसे अनुसंधान कार्यों में जो लोगों की भलाई पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं, प्राथमिकता के आधार पर तेजी लाई जानी चाहिए।

एनआईपीईआर रायबरेली के निदेशकतथा एनआईपीईआर मोहाली के भी प्रभारी निदेशक डॉ. एस.जे.एस. फ्लोरा ने एनआईपीईआर मोहाली और रायबरेली से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि फार्मेसी क्षेत्र में एनआईआरएफ ने एनआईपीईआर मोहाली को तीसराऔर एनआईपीईआर रायबरेली को 18वां रैंक दिया है। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि एनआईपीईआरकी संयुक्त प्रवेश परीक्षा सभी सुरक्षा सावधानियों के साथ 28 सितंबर, 2020 को आयोजित की जाएगीऔर शैक्षणिक सत्र की शुरूआत अक्टूबर से हो सकती है।

राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) फार्मास्यूटिकल विज्ञान में एक राष्ट्रीय स्तर का संस्थान है, इसका उद्देश्‍य फार्मास्‍यूटिकल विज्ञान में उन्‍नत अध्ययन और अनुसंधान के लिए उत्कृष्टता का केंद्र बनना है।

वर्तमान में देश भर में सात एनआईपीईआर-मोहाली, अहमदाबाद, हैदराबाद, रायबरेली, गुवाहाटी, हाजीपुर और कोलकाता में स्थित हैं। भारत सरकार ने एनआईपीईआर को ‘राष्ट्रीय महत्व का संस्थान’ घोषित किया है।


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By udaen

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