माइक्रोफाइनैंस फर्म में बड़ा स्टेक ले सकते हैं सचिन बंसल

200 करोड़ रुपये में चैतन्य रूरल इंटरमीडिएशन डिवेलपमेंट सर्विसेज में ले सकते हैं 75% स्टेक। सूत्रों ने बताया कि लगभग 200 करोड़ रुपये की यह ट्रांजैक्शन बंसल की होल्डिंग कंपनी BACQ के जरिए होगी।

फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर सचिन बंसल को देश के फाइनैंशल सर्विसेज सेक्टर में संभावना दिख रही है। बंसल बेंगलुरु की माइक्रोफाइनैंस फर्म में मेजॉरिटी स्टेक खरीदने की तैयारी में हैं। सूत्रों ने बताया कि यह डील होने पर बंसल इस फर्म में टॉप पोस्ट भी संभाल सकते हैं। 37 वर्षीय बंसल जल्द ही चैतन्य रूरल इंटरमीडिएशन डिवेलपमेंट सर्विसेज (CIFCPL) में 75 पर्सेंट तक हिस्सेदारी खरीद सकते हैं। यह फर्म माइक्रोफाइनैंस बिजनस करने वाली चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट को चलाती है। यह डील शेयर्स की प्राइमरी और सेकेंडरी सेल के जरिए हो सकती है। डील के लिए बातचीत अंतिम चरण में है। यह फाइनैंशल सर्विसेज सेक्टर में बंसल का पहला इक्विटी इन्वेस्टमेंट होगा।

इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने ईटी को बताया, ‘ट्रांजैक्शन के सफल होने पर बंसल कंपनी के सीईओ की पोस्ट संभाल सकते हैं।’ बंसल ने पिछले वर्ष फ्लिपकार्ट को खरीदने की अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट की डील में अपनी पूरी 5.5 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचकर फ्लिपकार्ट को अलविदा कह दिया था।

माइक्रोफाइनैंस फर्म में हिस्सेदारी खरीदने की डील के बारे में पूछने पर बंसल ने कहा कि वह इसे लेकर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। चैतन्य के को-फाउंडर समित शेट्टी ने बताया कि उनकी फर्म 150 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश कर रही है और इसके लिए कई संभावित इनवेस्टर्स के साथ बातचीत हो रही है। उनका कहना था कि अभी किसी इनवेस्टर का नाम बताना जल्दबाजी होगी।
सूत्रों ने बताया कि लगभग 200 करोड़ रुपये की यह ट्रांजैक्शन बंसल की होल्डिंग कंपनी BACQ के जरिए होगी। बंसल ने यह कंपनी बैंक ऑफ अमेरिका के पूर्व बैंकर अंकित अग्रवाल के साथ मिलकर बनाई है। चैतन्य की शुरुआत 2009 में हुई थी। यह अभी कर्नाटक, महाराष्ट्र और बिहार में बिजनस करती है। यह इन तीनों राज्यों में वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम चलाने के साथ ही जॉइंट लायबिलिटी ग्रुप लोन देती है। CIFCPL की कुल लोन बुक लगभग 625 करोड़ रुपये की है। स्मॉल बिजनस बैंकों और माइक्रोफाइनेंस फर्मों में इन्वेस्टमेंट की विशेषज्ञता रखने वाली शोरकैप का CIFCPL में बड़ा इन्वेस्टमेंट है।

एक सूत्र ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि CIFCPL के मौजूदा इन्वेस्टर्स इस ट्रांजैक्शन के जरिए फर्म से बाहर निकलेंगे या नए मैनेजमेंट के तहत इसमें बने रहेंगे। ईटी को कुछ सूत्रों ने बताया है कि बंसल एक प्राइवेट बैंक लॉन्च करने की योजना रखते हैं। ईटी ने 21 फरवरी के संस्करण में रिपोर्ट दी थी कि बंसल ने एक बैंक खोलने की रेग्युलेटरी जरूरतों की जानकारी लेने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की है।

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