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सेक्स सीन की शूटिंग सुरक्षित बना रही हैं ये औरतें

इंटिमेसी कोऑर्डिनेटरइमेज कॉपीरइट HBO

मनोरंजन की दुनिया में एक नए तरह की नौकरी के मौके तेजी से बढ़ रहे हैं. ये नौकरी है इंटिमेसी कॉर्डिनेटर की, जो हर प्रोडक्शन हाउस के सेट पर मौजूद होता है.

#MeToo अभियान के बाद जहां सेक्स सीन्स या अंतरग दृश्यों को शूट करने की ज़रूरत पड़ती है वहां ये कॉर्डिनेटर मौजूद होते हैं.

एलिसिया रोडिस न्यूयॉर्क की एक सेट पर मिशन के तहत टहल रही हैं, वहां चल रहे एक शूटिंग सीन पर उनकी पूरी नज़र है. ये शूटिंग सीन कुछ है, जिसे आप कॉप्लेक्स और डेयरिंग दोनों कह सकते हैं. इस शूटिंग में एक प्रमुख अमरीकी नेटवर्क की टीवी सिरीज़ के ग्रुप सेक्स सीन्स को फ़िल्माया जा रहा है.

एलिसिया यहां यह सुनिश्चित करने को हैं कि निर्देशक इस बात का ख़याल तो रख रहे हैं ना कि शूटिंग में हिस्सा ले रहे सभी 30 कलाकार अपनी अपनी सीमाओं में रहकर शूटिंग करें. उनके पास एक बड़े कागज पर इन कलाकारों की सहमति मौजूद है और उसके देखते हुए एलिसिया यह देख रही हैं कि कलाकार कैमरा चलने पर सहज ढंग से शूटिंग में हिस्सा ले पाएं.

न्यूयॉर्क के एक दूसरे कोने में एक थिएटर में चेल्सिया पेस एक जोड़े के बीच चल रहे इंटिमेट सीन्स की कोरियोग्राफी कर रही हैं. चेल्सिया सेक्शुअल शब्दावली के बिना कपल को निर्देश देती हैं, “तुम दोनों एक दूसरे को टटोलो नहीं, बल्कि अपने पार्टनर के साथ मसल्स लेवल पर संपर्क स्थापित करो.”

इस निर्देश को सुनने के बाद दोनों फिर से स्टेप्स पर काम करते हैं.

इंटिमेसी कॉर्डिनेटर

एलिसिया और चेल्सिया, जो काम कर रही हैं, उन्हें ही इंटिमेसी कॉर्डिनेटर कहते हैं.

महज कुछ ही साल पहले इस तरह के काम के अवसर मौजूद नहीं थे, लेकिन एलिसिया और चेल्सिया जैसे पेशेवरों की मांग मनोरंजन जगत में तेज़ी से बढ़ रही है.

प्रशिक्षित होने की वजह से ये लोग कलाकारों और प्रोडक्शन हाउस की मदद करते हैं ताकि शारीरिक संपर्क, गले लगाना, किसिंग, न्यूडिटी और सेक्स के नकली दृश्य जैसी संवेदनशील भूमिकाओं को ठीक ढंग से फ़िल्माया जा सके.

कुछ ही सप्ताह पहले, अमरीकी कलाकारों के शक्तिशाली संगठन एसएजी-आफ़्टरा ने बेहद अहम दस्तावेज जारी किया है, जिसके मुताबिक सेक्स सीन्स को फिल्माने के लिए इंटिमेसी एक्सपर्ट की नियुक्ति को ज़रूरी बना दिया गया है. यह एक तरह से मनोरंजन जगत में यौन दुर्व्यवहार को रोकने की बड़ी कोशिशों का हिस्सा है.

एसएजी-आफ़्टरा की अध्यक्ष अमरीकी अभिनेत्री ग्रैबिएले कार्टेरिस बताती हैं, “यह हमारे सदस्यों की सुरक्षा की चिंताओं के चलते उठाया गया कदम है. ख़ासकर महिला कलाकारों ने अपनी कहानियां हमें बताई थीं, ये केवल वाइनस्टीन का मामला नहीं था, कई दूसरे लोग भी हैं.”

इंटिमेसी और न्यूडिटी

हॉलीवुड में मूवी मुगल के तौर पर मशहूर 67 साल के हार्वी वाइनस्टीन को पिछले महीने न्यूयॉर्क में चले मामले में दो यौन दुर्व्यवहारों का दोषी पाया गया था.

उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों के चलते ही दुनिया भर में #MeToo और टाइम्स अप आंदोलन की शुरुआत हुई.

इसके बाद से बीते दो सालों में हॉलीवुड में इंटिमेसी कॉर्डिनेटरों की मांग में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई.

पहले फ़ाइट कोरियोग्राफ़र के तौर पर प्रशिक्षण लेने वाली एलिसिया रोडिस बताती हैं, “हमारे पास फ़ाइट सीन्स के लिए स्टंट कोर्डिनेटर, फ़ाइट कोरियोग्राफर होते हैं जो शारीरिक हिंसा के दृश्यों के दौरान कलाकारों का काफ़ी ख्याल रखा करते हैं. लेकिन इंटिमेसी और न्यूडिटी की बात को लोग अहमियत नहीं देते हैं, जबकि ऐसे दृश्यों को फिल्माना भी जोख़िम भरी स्थिति होती है. यह निराश करने वाला है.”

रोडिस अब फ़ुल टाइम कॉर्डिनेटर हैं और इंटिमेसी डायरेक्टर्स इंटरनेशनल की सह संस्थापिका भी हैं.

इंडस्ट्री के विश्लेषकों के मुताबिक़ अभी अमरीका और ब्रिटेन में 50 इंटिमेसी स्पेशलिस्ट, प्रोडक्शन हाउसेज को सलाह मशविरा दे रहे हैं. ऐसे लोगों की संख्या बीते कुछ सालों में 10 गुना से ज़्यादा बढ़ी है.

ताक़त का असर

अब तक ये माना जाता रहा है कि निर्देशकों के निर्देश के बाद कलाकार इंटिमेसी वाले दृश्यों को इंप्रोवाइज करके शूट करते हैं, ऐसे कलाकार से ही उम्मीद की जाती रही है कि वे सीमा से आगे ना बढ़ें.

अभिनेत्री और 2017 में रिसर्च ग्रुप थिएटेरिकल इंटीमेसी एजुकेशन की सह संस्थापिका पेस बताती हैं, “हम लोग अभिनेताओं पर निर्भर हुआ करते थे. हम केवल यह उम्मीद किया करते थे कि अभिनेता का आइडिया पैशन से किया गया शूट निर्देशक की सोच से मैच कर जाए.”

इंडस्ट्री के पावर और दबदबे के समीकरणों के चलते कलाकार और ख़ासकर महिला कलाकारों के लिए अपना मुंह खोलना इतना आसान नहीं होता कि वे खुल कर कह सकें कि वे लोग खुश नहीं हैं.

पेस बताती हैं, “आत्मरक्षा के लिए पहला नियम यही है कि आपसे जो कहा जाए, उसे हां कहिए. यह कलाकारों की ट्रेनिंग का हिस्सा होना चाहिए.”

अक्टूबर, 2017 में हार्वी वाइनस्टीन का स्कैंडल सामने आने से काफी पहले से यह मुद्दा ज़ोर पकड़ रहा थ

‘लिटिल रेप’ का शिकार

बर्नाडो बर्तुलुकी के साथ 1972 में पेरिस में लास्ट टैंगो फ़िल्म में काम करने के दशकों बाद मारिया स्केनाइडर ने कहा था कि इस शूटिंग के दौरान वह एक हद तक अपमानित हुईं और ‘लिटिल रेप’ का शिकार हो गई थीं, क्योंकि निर्देशक ने असुरक्षित यौन संपर्क से उन्हें सकते में डाल दिया था. तब वह महज 19 साल की थीं.

हाल ही में, इमिलिया क्लार्क ने गेम्स ऑफ थ्रोन्स के कुछ अश्लील दृश्यों के फिल्मांकन को डरावना बताया था.

इमिलिया ने एक इंटरव्यू में बताया था, “मैं फ़िल्म सेट पर पूरी नग्न थी. ढेरों लोग थे. मुझे नहीं मालूम था कि मुझे क्या करना है. ये भी नहीं मालूम कि मुझसे क्या उम्मीद की जा रही है. मुझे ये भी नहीं मालूम कि आप क्या चाहते हैं. मैं ये भी नहीं जानती थी कि मैं क्या चाहती हूं?”

#MeToo के बाद हॉलीवुड में चीज़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है.

ऐसा ही एक बदलाव एचबीओ सिरीज द ड्यूस के सेट पर देखने को मिला है. यह सिरीज न्यूयॉर्क में 1970 में बढ़ रही पोर्न इंडस्ट्री पर है. इसमें सेक्स वर्कर और पोर्न स्टार की भूमिका निभने वाली इमिली मेयाड ने अधिकारियों को बताया कि उनके कुछ नग्न दृश्य दब रहे हैं.

सेक्स दृश्यों का फिल्मांकन

इमिली मेयाड ने एचबीओ के एक इंटरव्यू में बताया, “मैं ऐसी कलाकार हूं जिसने अपने पूरे करियर में सेक्शुअल किरदार निभाए हैं. मैंने अपना पहला सेक्स सीन 16 साल की उम्र में किया था. कई बार मुझे यह असहज करने वाला महसूस हुआ. यह मैं पल भर में महसूस कर लेती हूं कि कब पीछे हटना है.”

इस तरह से पहली बार, किसी प्रमुख टीवी नेटवर्क में एलिसिया रोडिस को सेक्स दृश्यों के फिल्मांकन में मदद करने के लिए रखा गया.

एलिसिया बताती हैं, “मैं हमेशा कहती हूं, जो स्क्रिप्ट में है और जो नहीं है, उस पर डिस्कस कर लें. इससे सेट पर किसी तरह के सरप्राइज़ की आशंका नहीं रहती. मैं निर्देशक के नज़रिए को भी समझना चाहती हूं, साथ ही कलाकारों की सीमाओं का ख्याल भी रखती हूं.”

एचबीओ ने बाद में घोषणा की कि अब न्यूडिटी वाले टीवी शो के लिए नेटवर्क इंटिमेसी कॉर्डिनेटरों को अनुबंध पर रखेगा. इसके बाद नेटफ़्लिक्स, अमेज़ॉन और ऐपल प्लस ने भी इसे अपनाया है.

अब बड़े थिएटर और प्रोडक्शन हाउस में आपको इंटिमेसी डायरेक्टर दिखाई देने लगे हैं.

लंदन के वेस्ट एंड की पहली इंटीमेसी डायरेक्टर यारित डोर ने कहा, “आप मदद करने के लिए होते हैं लेकिन क्रिएटिव प्रॉसेस का हिस्सा भी होते हैं. आपको यह भी देखना होता कि कहानी बताने में इंटिमेसी कितनी फ़िट हो रही है. थिएटर में यह चार सप्ताह की प्रक्रिया है. टीवी और फिल्मों में यह जल्दी करना होता है ताकि आप सेट पर जाने से पहले कलाकारों के साथ काफी काम कर सकें.”पीी

नई भाषा शैली

लास एंजलिस स्थित इंटीमेसी एडवाइजर अमानदा बेलुमेंथल काफी कामुकता वाली सिरीज द अफे़यर की एडवाइजर हैं. उनके मुताबिक उनका काम थोड़े मेडिएटर, थोड़े काउंसलर और थोड़े कोरियोग्राफ़र का है.

इंटिमेसी प्रोफे़शनल एसोसिएशन चलाने वाली बेलुमेंथल बताती हैं, “शो में ये मान लिया जाता है कि कलाकार ने पहले भी ऐसा किया है तो उसके लिए यह सहज है. लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है. कई बार यह बेहद मुश्किल भी होता है. मैं सेट पर कलाकारों को सीमा के अंदर रहने में मदद करती रहती हूं.”

बीते एक साल में, इंटिमेसी एक्सपर्ट ने अपनी नौकरियों के लिए तकनीक और प्रोटोकॉल को भी विकसित किया है, वे स्क्रिप्ट को देख रहे हैं, लेखकों के साथ सलाह मशविरा कर रहे हैं और सेक्स संबंधी दृश्यों के फिल्मांकन के तकनीकी पहलू पर भी चर्चा कर रहे हैं.

एसएजी-आफ़्टरा की गाइडलाइंस में प्री प्रोडक्शन स्टेज भी शामिल है, जिसमें इंटीमेसी कॉर्डिनेटर कलाकारों से वन टू वन मुलाकात करते हैं. रिर्हसल से पहले कास्ट्यूम विभाग से सुनिश्चित करते हैं कि कलाकारों को उपयुक्त कपड़े मिल जाएं. इसमें प्रोस्थेटिक और जननांगों को कवर करने के लिए सिलिकॉन पैड और कठोर कपड़े भी शामिल होते हैं.

इंटिमेट सीन्स के फ़िल्मांकन के दौरान कॉर्डिनेटर यह भी सुनिश्चित करते हैं कि सेट बंद हो और यूनिट के सदस्यों की संख्या कम से कम हो. कई बार वो कलाकारों की कोरियोग्राफ़ी में भी मदद करते हैं.

बेलुमेंथल बताती हैं, “हमारी नौकरी का बड़ा हिस्सा यह सुनिश्चित करना भी होता है कि फ़िल्मांकन के पूरे समय के दौरान कलाकारों में लगातार सहमति की स्थिति भी बनी रहे.”

ब्रिटेन में डायरेक्टर्स यूके, इंटिमेसी कॉर्डिनेटर की मौजूदगी के लिए काम कर रही है. इता ओब्रायन, बीबीसी की पहली इंटिमेसी डायरेक्टर है. इसके अलावा इता नेटफ़्लिक्स की सिरीज़ ‘सेक्स एजुकेशन’ की सलाहाकार भी हैं.

इंटिमेसी कोऑर्डिनेटरइमेज कॉपीी

कलाकारों की देखरेख का ज़िम्मा

ओब्रायन के मुताबिक सीमाओं को तय करने की भी जरूरत है, इसके अलावा ज़रूरत पड़ने पर शूटिंग को रोकने पर भी सहमति होनी चाहिए.

विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे दृश्यों के फि़ल्मांकन के लिए भी उतना ही सोच-विचार होना चाहिए जितना कि कार का पीछा करने के दृश्य या फिर किसी दूसरे स्टंट सीन्स के लिए किया जाता है.

एलिसिया रोडिस बताती हैं, “अगर चुंबन का दृश्य हो तो कुछ उत्तेजना भी हो सकती है. ऐसे में क्या स्तन को टच करना सही होगा? या फिर कंधे को, पीठ को, नितंब को टच किया जा सकता है? हम यह सुनिश्चित करते हैं कि जननांगों का संपर्क ना हो. अगर कलाकार दृश्यों के लिए जननांगों के संपर्क पर सहमत भी हों तो भी बीच में एक बाधा होनी चाहिए.”

इससे पहले, कलाकारों की ऐसी देखरेख का ज़िम्मा कॉस्ट्यूम और मेकअप कलाकारों के जिम्मे होता है. ये लोग रोब्स हाथ में लेकर खड़े रहते थे और शॉट्स के बीच में कलाकारों को ढंकने का काम करते थे. इस दौरान वे इस बात का ख़याल रखते थे कि कैमरा ज़्यादा चीजों को नहीं दिखाए, जितने की सहमति है उससे ज्यादा नहीं दिखाए. अब इंटिमेसी कॉर्डिनेटर, सेट पर एक नई भाषा शैली लेकर आए हैं, जिसमें सेक्स की बात नहीं होती है.

पेस बताती हैं, “जब कलाकार एक दूसरे के जिस्म को टटोल रहे होते हैं तो यह काम किरदार कर रहा होता है लेकिन कलाकारों में मसल्स लेवल का कांटैक्ट होता है. अपने पार्टनर को सहलाने के लिए मैं कलाकारों को कहूंगी कि आप अपने पार्टनर के चेहरे की तरफ़ थोड़ा स्किन कांटैक्ट कीजिए.”

इंटिमेसी कोऑर्डिनेटरइमेज कॉपीरइट Marlayna Demond

व्यवस्थागत बदलाव

हालांकि इंटिमेसी सुपरवाइज़र की नई भूमिका को अपनाने में इंडस्ट्री में थोड़ा रूखापन भी दिख रहा है. पहली नज़र में निर्देशकों और प्रोड्यूसरों को शूटिंग की रफ़्तार धीमी होने का डर है.

इसके अलावा वित्तीय चिंताएं भी हैं, क्योंकि स्पेशलिस्ट को अनुबंधित करने से खर्चा बढ़ेगा और छोटे प्रोडक्शन हाउसेज के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी.

पेस बताती हैं, “हम लोग सेक्स पुलिस नहीं है. कई बार निर्देशकों को ये लगता है कि वो जैसी न्यूडिटी चाहते हैं, उसे रोकने के लिए ही हम हैं, जबकि हमारा यह काम नहीं है.”

यारित डोर बताती हैं, “किसी इंटिमेसी एक्सपर्ट के साथ काम करने के बाद कुछ निर्देशकों को लगता है कि इस अतिरिक्त शख़्स के चलते उनका भार थोड़ा कम हो गया है. तो यह सुरक्षित उपाय भी है.”

हालांकि बदलाव को लेकर हमेशा से हिचकने वाली इंडस्ट्री में यह ज़रूरत भरा बदलाव है. कलाकारों, ख़ासकर महिला कलाकारों को अपने हक की बात कहने से रोकने वाले ‘यस कल्चर’ में यह एक बदलाव जैसा ही है.

पेस बताती हैं, “यह एक तरह से सेट पर पॉवर का डिस्ट्रिब्यूशन भी है. हमें ऐसे निर्देशक चाहिए जो एक्टरों की बात सुन सकें और ऐसे एक्टर चाहिए जो निर्देशक की ज़रूरत के मुताबिक अभिनय कर सकें.”

सुरक्षित समूह

इंटीमेसी कोरियोग्राफ़ी में ट्रेनिंग लेने वाले प्रोफे़शनल्स की संख्या जिस तरह से बढ़ रही है, इंटिमेसी को लेकर जागरूक कलाकारों की संख्या जिस तरह से बढ़ रही है, उससे इंडस्ट्री में बदलाव आने में मदद मिलेगी.

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक़ इंटिमेसी डायरेक्टर्स इंटरनेशनल के सर्टिफ़िकेशन कोर्स की 10 सीटों के लिए 70 लोगों ने आवेदन दिया था.

गैब्रिएल कार्टिरिस बताती हैं, “सच्चाई यही है कि इंडस्ट्री में इंटिमेसी कार्डिनेटर ज़्यादा नहीं हैं और मांग का बढ़ना शुरू ही हुआ है.”

कलाकारों के मुताबिक़, ऐसे कार्डिनेटरों में भी विविधता का होना जरूरी है, ये तभी होगा जब ज़्यादा लोग इसमें आएंगे. रोडिस बताती हैं, “अभी तो ज़्यादातर महिलाए ही हैं, हमें भी विभिन्न पृष्ठभूमि के ऐसे लोग चाहिए जो चीजों को विस्तृत नज़रिए से देखते हों.”

रोडिस बताती हैं, “कई बार गोरे इंटिमेसी कार्डिनेटर का होना उपयुक्त नहीं होता जो नहीं जानते कि लोगों के लिए रंगों का सुरक्षित समूह कैसे बनाया जाए, हमें ऐसी जागरूकता की भी जरूरत है.”


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By udaen

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