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श्रमजीवी पत्रकारों में हर्ष व्याप्त

रिपोर्ट – अनमोल कुमार

साल के अंत में मजीठिया क्रांतिकारी , पत्रकार व श्रमजीवी पत्रकारों के लिए बड़ी खबर यह है कि मजीठिया मामले में एक अखबार ने कोर्ट में मजीठिया वेतनमान की राशि लगभग ढाई करोड़ की कोर्ट में जमा कराई है। यह मजीठिया मामले में पत्रकार व श्रमजीवी पत्रकारों की सबसे बड़ी जीत है।
ज्ञात रहे कि मजीठिया मामले में ग्वालियर लेबर कोर्ट में जागरण ग्रुप के नई दुनिया के खिलाफ १3 कर्मचारियो ने मजीठिया के बकाया वेतनमान का केस दायर किया था। इस मामले में कोर्ट ने १3 कर्मचारियों के पक्ष में अवार्ड पारित किया था। एक वर्ष का धैर्य रखकर 1३ कर्मचारियों ने आरआरसी की रकम का इंतजार किया, नहीं देने पर हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर हाईकोर्ट ने एक माह के अंदर अखबार प्रबंधन को लेबर कोर्ट में राशि जमा कराने के निर्देश दिए थे। इस जागरण प्रबंधन ने दो दिन पहले मजबूर होकर प्रकरण व्यय के साथ करीब ढाई करोड़ की रकम एफडी बनाकर जमा कराई है। इस पूरे प्रकरण में जागरण ने 2.39 करोड़ रुपए जमा करने के साथ ही करीब 10 लाख रुपए वकीलों पर खर्च किया, लेकिन अंततः पराजय मिली और पैसा जमा कराना पड़ा। यह मजीठिया में कर्मचारियों की सबसे बड़ी जीत है। इस जीत से मजीठिया क्रांतिकारियों में नई जान आई है तो वहीं अखबार मालिको में घबराहट है

मजीठिया मामले में बड़ी खबर जागरण प्रबंधन ने मजीठिया प्रकरण में ग्वालियर कोर्ट में जमा कराए ढाई करोड़

श्रमजीवी पत्रकारों में हर्ष व्याप्त

रिपोर्ट – अनमोल कुमार

साल के अंत में मजीठिया क्रांतिकारी , पत्रकार व श्रमजीवी पत्रकारों के लिए बड़ी खबर यह है कि मजीठिया मामले में एक अखबार ने कोर्ट में मजीठिया वेतनमान की राशि लगभग ढाई करोड़ की कोर्ट में जमा कराई है। यह मजीठिया मामले में पत्रकार व श्रमजीवी पत्रकारों की सबसे बड़ी जीत है।
ज्ञात रहे कि मजीठिया मामले में ग्वालियर लेबर कोर्ट में जागरण ग्रुप के नई दुनिया के खिलाफ १3 कर्मचारियो ने मजीठिया के बकाया वेतनमान का केस दायर किया था। इस मामले में कोर्ट ने १3 कर्मचारियों के पक्ष में अवार्ड पारित किया था। एक वर्ष का धैर्य रखकर 1३ कर्मचारियों ने आरआरसी की रकम का इंतजार किया, नहीं देने पर हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर हाईकोर्ट ने एक माह के अंदर अखबार प्रबंधन को लेबर कोर्ट में राशि जमा कराने के निर्देश दिए थे। इस जागरण प्रबंधन ने दो दिन पहले मजबूर होकर प्रकरण व्यय के साथ करीब ढाई करोड़ की रकम एफडी बनाकर जमा कराई है। इस पूरे प्रकरण में जागरण ने 2.39 करोड़ रुपए जमा करने के साथ ही करीब 10 लाख रुपए वकीलों पर खर्च किया, लेकिन अंततः पराजय मिली और पैसा जमा कराना पड़ा। यह मजीठिया में कर्मचारियों की सबसे बड़ी जीत है। इस जीत से मजीठिया क्रांतिकारियों में नई जान आई है तो वहीं अखबार मालिको में घबराहट है


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By udaen

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