मंडल आयुक्त डा0 बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने ली मंडलीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक, जिलाधिकारियों को दिये क्वालिटी एजुकेशन प्लान कर कार्य करने के निर्देश।

गढ़वाल मंडल आयुक्त डा0 बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने आयुक्त सभागार मंें मंडलीय त्रैमासिक बैठक के तहत जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजना की वित्तीय प्रगति की समीक्षा बैठक ली। उन्हांेने जल निगम जल संस्थान, लोनिवि, वन, स्वास्थ्य, सिंचाई, लघु सिंचाई, ग्राम्य विकास, मनरेगा, विधायक निधि, सांसद निधि, ग्रामीण हाट, शिक्षा, समाज कल्याण, नंदा देवी कन्याधन योजना, उद्यान, कृषि, दुग्ध विकास, मत्स्य, गन्ना विकास, ग्रामीण स्वच्छता, पर्यटन आदि विभागों के विकास कार्यों की अद्यतन प्रगति रिर्पोट की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्वाचन, चारधाम यात्रा आदि की महत्वता को देखते हुए प्लानिंग बनाकर विभागीय दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे। ताकि आम जनमानस को सरकारी योजनाओं का निरंतर लाभ मिलता रहे। पर्यटन, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक क्षेत्र में भावी पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में परिवर्तन लाना जरूरी है। उन्होंने बैठक में उपस्थित समस्त जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों एवं मंडलीय अधिकारियों को क्वालिटी एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये। मंडल आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को बजट की प्रत्याशा में टेंडर प्रक्रिया आदि कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिससे विकास कार्य निरंतर चलते रहे। लोनिवि की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सड़क निर्माण के कार्य में क्लाइमेट की समस्या मुख्य रूप से आ रही है। जिस पर मंडल आयुक्त ने कहा कि सड़क निर्माण में क्लाइमेट को मुद्दा न बनाकर अन्य तकनीकी सामंजस्य बनाकर कार्यों को पूर्ण करें। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं करने के निर्देश दिये। कार्यों को मानकों के अनुरूप ही पूर्ण करने को कहा। वन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी पौड़ी ने बताया कि जिला योजना के तहत आवंटित धनराशि को खर्च करने हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों को वन संरक्षक से स्वीकृति लेनी होती है। जिससे कार्य प्रगति पर विलंब होता है। उक्त प्रक्रिया में बदलाव लाने का सुझाव दिया। जिस पर मंडल आयुक्त ने उचित कार्यवाही करने की बात कही। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा करना सुनिश्चित करेंगे। निर्माण कार्यों पर कार्यदायी संस्था एवं विभागों के साथ भी समीक्षा बैठक लेंगे। मनरेगा की समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने समस्त जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय स्तर पर रोजगार की मांग को बढ़ावा दें। जिससे लोगों को रोजगार मिल सके। साथ ही उक्त के सन्दर्भ में समयसमय पर समीक्षा भी करेंगे। जिससे निम्न वर्ग को लोगों को रोजगार मिलने से उनकी आर्थिकी में संवर्द्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की तस्वीर क्वालिटी एजुकेशन के माध्यम से ही बदली जा सकती है। जिस पर उन्होंने सभी जिलाधिकारी एवं उपस्थित अधिकारियों को क्वालिटी एजुकेशन पर क्वालिटी एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस संबंध में अगले दस दिनों में रिर्पोट व सुझाव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिये। समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशनों व अल्पसंख्यक कल्याण तथा विकलांग कल्याण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि बजट देरी से आने तथा छात्रवृति में जांच प्रक्रिया चलने के कारण पेंशन और छात्रवृति वितरण में समस्या आने की बात कही। जिस पर उन्होंने शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिये। उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी पौड़ी एवं रूद्रप्रयाग ने अपने अपने जनपदों में किये जा रहे कार्यों से अवगत कराया। जिलाधिकारी पौड़ी ने कहा कि जलवायु एवं भौगोलिक क्षेत्र को दृष्टिगत रखते हुए अनुकूलित जलवायु वाले विभिन्न प्रकार की प्रजातियांे के फलदार वृक्ष कलस्टर के आधार पर लगाये जा रहे हैं। वर्तमान समय पर सेब की पौध के लिए गढ्ढे खुदाई का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि काश्तकारों को दक्ष बनाने हेतु उद्यान विभाग की टीम को हिमाचल प्रदेश प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। कहा कि उनके द्वारा स्थानीय स्तर पर काश्तकारों को दक्ष किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बागवानी विशेषज्ञों की वर्ष में दो बार भ्रमण करने की भी बात कही। जिस पर मंडलायुक्त ने उनके कार्यों की प्रशंसा की तथा स्वरोजगार के लिए जरूरी बताया। वहीं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग ने कहा कि जनपद में सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं द्वारा उत्कृष्ट कार्य किये जा रहे हैं। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी पौड़ी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर काश्तकारांे की उत्पादन का क्रय उचित दामों पर तय करने से लोगों को रोजगार मिलेंगे। साथ ही स्थानीय उत्पादन को विपणन के माध्यम से क्रय कर भविष्य में मिडडेमील में शामिल करने से ग्रामीणों की उत्पादता भी बढ़ेगी। साथ ही बच्चों को पोष्टिक आहार भी मिलेगा। वहीं स्थानीय उत्पाद होने से बच्चों को खाने में कोई शिकायत नहीं आएगी। जिलाधिकारी पौड़ी ने विद्यालयों में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने का सुझाव दिया। जिस पर मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी के सुझाव के प्रस्ताव आदि देने को कहा। साथ ही कहा कि यह एक अच्छी योजना है। कहा कि शुरूआती चरण में इसे मंडल के सभी जनपदों के दसदस विद्यालयों में लाॅंच किया जाएगा। पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन को लेकर विशेष और उत्कृष्ट कार्य किये जा सकते हैं। कहा कि शासन ने 13 जनपदों में थर्टीन डेस्टिनेशन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। इसके अलावा पौड़ी जनपद के लिए पर्यटन के क्षेत्र विशेष कार्य किये जाने के भी सुझाव प्राप्त हुए हैं। दिल्ली मेरठ से आने वाली यात्रा बसांें को पौड़ी से डायवर्ट किया जाएगा। जिससे पौड़ी व आस पास के क्षेत्रों की आर्थिकी को बढ़ावा मिल सकेगा। इस मौके पर मंडलायुक्त ने ग्रामीण हाट, सामुदायिक विकास, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम, ग्रामीण एवं लघुद्योग, मत्स्य एवं दुग्ध विकास आदि विभाग की भी समीक्षा की। मंडलीय समीक्षा बैठक जिलाधिकारी पौड़ी धीराज सिंह गब्र्याल, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी उत्तराकाशी आशीष चैहान, मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी दीप्ति सिंह, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून गिरधारी सिंह रावत, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या गढ़वाल मंडल डा0 डीसी बडोनी समेत चमोली, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी जनपदों के मंडलीय अधिकारी उपस्थित रहे। फोटो समाचार जिला सूचना अधिकारी पौड़ी गढ़वाल

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