भारत सरकार में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय

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भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय

भारत सरकार में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय

प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय द्वारा ‘स्वच्छता सारथी फ़ेलोशिप’ का शुभारंभ

अपशिष्ट प्रबंधन के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों को वैज्ञानिक और टिकाऊ तरीके से निपटान के लिए काम कर रहे नगर निगम कर्मियों,सफाई कर्मियों, स्वयं सहायता समूहों,सामुदायिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को मान्यता देने के लिए भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने अपने मिशन ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के अंतर्गत ‘स्वच्छता सारथी फेलोशिप’ की शुरुआत की है। ‘वेस्ट टू वेल्थ’,प्रधानमंत्री-विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (पीएम-एस टी आई ए सी) के 9 राष्ट्रीय मिशनों में से एक है।

यह फेलोशिप उन युवा नवोन्मेषियों को सशक्त करने के लिए एक पहल है जो अपशिष्ट प्रबंधन, जागरूकता अभियान, अपशिष्ट सर्वेक्षण/अध्ययन इत्यादि के कार्यों में सामुदायिक स्तर पर ‘स्वच्छता सारथी’ के रूप में लगे हुए हैं। यह प्रयास अपशिष्ट को कम करने के लिए विभिन्न उपायोंको क्रियान्वित किए जाने के लिए है ताकि पृथ्वी को और हरा-भरा बनाया जा सके।

स्कूलों और कॉलेजों के युवा छात्र और स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कार्य कर रहे आम नागरिक या स्वतंत्र रूप से काम कर रहे नागरिक कचरा प्रबंधन के लिए समुदायों को संवेदनशील बनाने और कचरे को उपयोगी स्वरूप देने के लिए नए विकल्प उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस फेलोशिप का उद्देश्य उन इच्छुक छात्रों और नागरिकों को सशक्त करना है जो निरंतर अपने प्रयासों से  शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे को कम करने में निरंतर लगे हुए हैं।

इस फेलोशिप की घोषणा करते हुए भारत सरकार में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफ़ेसर के विजय राघवन ने कहा: भारत एक विविधतापूर्ण संस्कृति वाला देश है, जिसके समक्ष अलग-अलग जीवनशैली और अलग-अलग परंपराओं के कारण अनेक पर्यावरणीय चुनौतियां हैं। कचरा प्रबंधन में एक मुद्दा कचरा उत्पादित करने का है जिसके गहरे निहितार्थ हैं जो आमतौर पर कचरा उत्पादित करते हैं वह प्रायः इसका निपटान नहीं करते हैं।‘स्वच्छता सारथी फैलोशिप’ उन लोगों के कार्यों को मान्यता देना है जो किसी भी क्षेत्र से संबंधित हैं और वैज्ञानिक तथा टिकाऊ पद्धति से कचरे के प्रबंधन में अपने दायित्व या अपनी जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर अनुकरणीय कार्य करते हैं। यह फेलोशिप भारतीय समुदाय की सहभागिता के जमीनी स्तर को लक्षित करेगा और भारत को जीरो वेस्ट नेशन बनाने के लिए नागरिकों के प्रयासों को मान्यता देगा।

सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए लक्षित ‘स्वच्छता सारथी फ़ेलोशिप’ऐसे छात्रों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं से आवेदन आमंत्रित करता है जिन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में अब तक कार्य किया है या वर्तमान समय में काम कर रहे हैं। इसमें जागरूकता अभियान से लेकर सर्वेक्षण और अध्ययन भी शामिल हैं। इस फेलोशिप के अंतर्गत प्रोत्साहन पुरस्कार को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बाँटा गया है जो निम्नलिखित है:

श्रेणी-ए:यह श्रेणी स्कूली विद्यार्थियों के लिए है जो 9वीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के हैं और सामुदायिक स्तर पर कचरा प्रबंधन के कार्यों में लगे हैं।

श्रेणी-बी:इसके अंतर्गत कॉलेज के छात्रों को प्रोत्साहन मिलेगा जो स्नातक, परास्नातक तथा शोध छात्र हैं और सामुदायिक स्तर पर कचरा प्रबंधन में लगे हैं।

श्रेणी-सी:इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के माध्यम से समुदाय में कार्य कर रहे नागरिकों, नगर निगम कर्मियों और स्वच्छता कर्मियों को प्रोत्साहन मिलेगा जो अपने उत्तरदायित्व से आगे बढ़कर कार्य कर रहे हैं।

इस फ़ेलोशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 19 मार्च, 2021 है। इसके अंतर्गत 500 फ़ेलोशिप प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे।

आवेदन से संबन्धित विवरण नीचे दिए गए इस लिंक पर उपलब्ध है:

https://www.wastetowealth.gov.in/fellowship.

फ़ेलोशिप के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए ईमेल पर संपर्क किया जा सकता है: Swapan.mehra@investindia.org.in और Malyaj.varmani@investindia.org.in

 

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