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फसलों की बुआई पर दिखने लगा कमजोर मानसून का असर

धान और दलहन की फसलों की बुआई में 36 लाख हेक्टेयर की कुल गिरावट, सरकार चिंतित, हालात को लेकर हुई

नई दिल्ली: कमजोर मानसून की वजह से देश में सूखे का संकट बड़ा होता दिख रहा है. फ़सलों की बुआई पर इसका सीधा असर पड़ा है. चावल-दाल की बुवाई 36 लाख हेक्टेयर कम हो गई है. चिंतित सरकार इसको लेकर बैठक कर रही है.
हर साल खरीफ़ से होने वाली ये बैठक इस साल कुछ ख़ास हो गई है. खराब मॉनसून और सूखे के साये के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर 12 राज्यों के कृषि मंत्रियों से मिले…कृषि मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक खरीफ फसलों की बुआई में गिरावट आई है. धान की बुआई 5 जुलाई 2018 को 68.60 लाख हेक्टेयर थी जो 5 जुलाई 2019 को घटकर 52.47 लाख हेक्टेयर हो गई. यह पिछले साल के मुकाबले करीब 16 लाख हेक्टेयर कम है. दलहन की बुआई 5 जुलाई 2018 को 27.91 लाख हेक्टेयर थी जो 5 जुलाई 2019 को घटकर 7.94 लाख हेक्टेयर रह गई है. यानी करीब 20 लाख हेक्टेयर कम. धान और दलहन की फसलों की बुआई में कुल गिरावट 36 लाख हेक्टेयर की है.

मानसून में देरी का असर महत्वपूर्ण खरीफ की फसलों की बुआई पर पड़ रहा है. जिन राज्यों में धान, दलहन और मोटा अनाज की बुआई कई लाख हेक्टेयर घट गई है वहां किसानों में तनाव बढ़ रहा है. हालांकि कृषि मंत्री मानते हैं कि नुकसान की भरपाई अब भी संभव है.


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By udaen

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