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  • नौ पर्वतीय जनपदों के 18 गांवों से जल्द होगा युवाओं का अंतिम चयन
  • प्रत्येक युवा को हर माह मिलेंगे 1500 रुपये, खाद, बीज, उपकरणों पर 90 प्रतिशत अनुदान
पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए प्रदेश सरकार युवाओं को खेती किसानी करने पर हर महीने मानदेय देगी। इसके लिए नौ पर्वतीय जिलों के 18 ब्लाकों से एक-एक गांव का चयन किया गया है।

एक गांव से 10 युवाओं को तीन साल तक प्रत्येक महीने कृषि कार्य करने के लिए 1500 रुपये मानदेय के रूप में दिए जाएंगे। वहीं, बीज, खाद और कृषि उपकरणों पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। जल्द ही 180 युवाओं का अंतिम चयन किया जाएगा। कई जिलों की ओर से युवाओं की सूची उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को भेज दी गई है।

प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से तेजी से हो रहे पलायन को देखते हुए सरकार ने युवाओं को खेती किसानों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड मंडी कृषि ग्राम्य विकास योजना बनाई है। इस योजना के माध्यम से 18 से 35 आयु वर्ग के इंटरमीडिएट पास युवाओं को खेती करने पर प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।

योजना में ये जिले शामिल

पहले चरण में खास तौर पर सरकार का फोकस नौ पर्वतीय जिलों पर है। जहां पर युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं। योजना में चयनित उत्तरकाशी जनपद के अंतर्गत डूंडा व पाही ब्लाक का चयन किया गया। डूंडा ब्लाक से भैंत और पाही से भटवाड़ी गांव से 20 युवाओं की सूची बोर्ड को भेजी गई। इसी तरह अन्य जिलों में चयनित ब्लाकों में युवाओं के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
सरकार ने योजना में बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी जिले को शामिल किया है। एक जनपद से दो ब्लाकों से एक-एक गांव से 20 युवाओं को चयन किया जाएगा। परिवार के पास न्यूनतम 15 नाली कृषि भूमि होना जरूरी है और तीन साल तक सरकार मानदेय देगी।
युवाओं को रोजगार के लिए खेती से जोड़ने के लिए प्रदेश में पहली बार उत्तराखंड मंडी कृषि ग्राम्य विकास योजना बनाई गई है। पर्वतीय जनपदों में योजना के लिए युवाओं की चयन प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही अंतिम चयन कर युवाओं को योजना से जोड़ा जाएगा – गजराज सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, मंडी बोर्ड

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By udaen

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