पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना से पथ विक्रेताओं के जीवन में आया उजाला

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पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना से पथ विक्रेताओं के जीवन में आया उजाला

Blog single photo-अब तक जनपद में पांच हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के हो चुके हैं रजिस्ट्रेश
-अभी तक दो हजार लाभार्थी हुये लाभान्वित, पुनः रोजगार हुआ स्थापित
कौशल राठौर
फिरोजाबाद, 13 सितम्बर (हि.स.)। जनपद में रेहडी, पटरी व खोमचे, हथठेला व छोटे-मोटे दुकानदारों को अपना कारोबार फिर से खड़ा करने के लिए जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह के सख्त निर्देशन में नगर निगम व सभी नगर निकायों टूण्डला, शिकोहाबाद, सिरसागंज, एका, फरिहा, जसराना में खोले गए पंजीयन केंद्रोें पर निरंतर ऐसे सभी बेरोजगार लोगों का पंजीयन किया जा रहा है। अब तक पांच हजार से अधिक लोगों का पंजीयन किया जा चुका है। दो हजार से अधिक लोगों को डूडा विभाग द्वारा विभिन्न बैंकों के माध्यम से दस हजार रूपये की धनराशि उपलब्ध कराकर पुनः रोजगार स्थापित कराया जा रहा है।
कोविड-19 के दौरान जनपद के छोटे-बड़े शहर-कस्बों जिनमें फिरोजाबाद टूंडला, शिकोहाबाद, सिरसागंज, एका, फरिहा, जसराना आदि में रेहड़ी पटरी वाले सड़क किनारे दुकान या फिर कोई धंधा, कारोबार करके रोज कमाने खाने वाले काफी दुकानदार एवं वेंडर जो इन कामों से अपनी रोजी-रोटी चलाते थे, यह काम लॉकडाउन में बंद होने के कारण प्रभावित हो गये थे। ज्यादातर शहरी पथ विक्रेता ऐसे होते हैं जो प्रतिदिन वस्तुएं खरीदते हैं, उसे प्रतिदिन बेचते हैं, और प्रतिदिन जो कमाते हैं उससे उनके परिवार का पालन होता है।
ऐसे पथ विक्रेताओं की संख्या जनपद में हजारों में है। कोविड-19 वैश्विक महामारी की बंदी का शिकार गांव, शहर, कस्बे में रहने वाले हर स्तर के लोगों को होना पड़ा है। इस अवधि में चूड़ी कारखाने, अड्डे, ग्लास, एक्सपोर्ट, चूड़ी, जुड़ाई, झलाई व कांच के हैंडीक्राफ्ट सामान आदि आजीविका के सभी संसाधन बंद होने से छोटे बड़े व्यापारी, कारीगर, मजदूर व कारोबारियों पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। लॉक डाउन होने के कारण छोटे व्यापारियों व विक्रेताओं के पास जो धन था वही बंदी के दौरान खत्म हो गया। इससे वे जो दैनिक आजीविका कारोबार करते थे धनाभाव के कारण बंद हो गया। कारोबार बंद होने से शहरी पथ विक्रेताओं के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया।
शहरी पथ विक्रेताओं की इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री ने 01 जून 2020 से प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना का शुभारंभ किया है। जिसके अंतर्गत शहरी पथ विक्रेताओं को पुनः अपना व्यवसाय कार्य प्रारंभ करने के लिए दस हजार रूपये का ऋण 12 मासिक किस्तों पर 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी की छूट पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। शहरी पथ विक्रेताओं को पुनः अपना कार्य शुरू कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा आर्थिक पैकेज के रूप में आसान किस्तों पर ऋण की सुविधा देकर कार्यशील पूंजी बनाने में उनकी सहायता की जा रही है। इस प्रकार सरकार लाॅकडाउन के दौरान बेरोजगार हुये हर वर्ग की सहायता कर रही है।
जनपद में इन रेहडी, पटरी व खोमचे, हथठेला व छोटे-मोटे दुकानदारों को अपना कारोबार फिर से खड़ा करने के लिए जिलाधिकारी चंद्रविजय सिंह के सख्त निर्देशन में नगर निगम व सभी नगर निकायों टूण्डला, शिकोहाबाद, सिरसागंज, एका, फरिहा, जसराना में खोले गए पंजीयन केंद्रोें पर निरंतर ऐसे सभी बेरोजगार लोगों का निरंतर पंजीयन किया जा रहा है। इन पंजीकृत लोगों के ऑनलाइन आवेदन के आधार पर जनपद के डूडा विभाग द्वारा योजनांतर्गत पात्र लाभार्थियों को एक मुश्त दस हजार रूपये का ऋण सीधा उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराया जा रहा है।
लाभार्थी सरिता निवासी प्रकाश टाॅकिज के पीछे लोहिया नगर जो कि फुटपाथ पर दुकान लगाकर खिलौने बेचने का कार्य करती है। लाॅकडाउन में धनाभाव के कारण इनका रोजगार बंद हो गया था जो अब प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत एक मुश्त दस हजार रूपये प्राप्त हुए जिससे इनका पुनः खिलौने का रोजगार सुचारू रूप से चलने लगा है। इसी प्रकार लाभार्थी दीपक जूस विके्रता निवासी नगला करन सिंह, प्रवीन कुमार फल विक्रेता निवासी जलेसर रोड न्यू रामगढ़, अभय कुमार, फास्ट फूड विक्रेता निवासी शिकोहाबाद सहित लगभग दो हजार से अधिक लोगों को डूडा विभाग द्वारा विभिन्न बैंकों के माध्यम से दस हजार रूपये की धनराशि उपलब्ध कराकर पुनः रोजगार स्थापित कराया जा रहा है। इससे रेहडी, पटरी व खोमचे, हथठेला व छोटे-मोटे दुकानदार की दैनिक कमाई करते हुये अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकेंगे।

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