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पहाड़ के काश्तकारों को आत्मनिभर््ार बनाने, जैविक उत्पाद को बढ़ावा देने एवं बच्चों को पुष्टाहार मुहैया करने तथा स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर पहाड़ की वेदना पलायन पर विराम लगाने को लेकर गढ़वाल आयुक्त डा0 बीवीआरसी पुरूषोत्तम ने गुरूवार को देर सायं जिलाधिकारी धीराज सिंह गब्र्याल एवं अपर निदेशक कृषि डा0 परमाराम के साथ आयुक्त कार्यालय सभागार में बैठक ली। उन्हांेंने तीन वर्ष के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिये। कहा कि क्रमिक वर्षवार प्लानिंग बनाना शुरू करें। आयोजित बैठक में गढ़वाल आयुक्त ने लोकल कृषि (झं्रगोरा, मंडवा, गहत की दाल), एमएसपी (मिनिमम सप्लाई प्रइस) एवं मीडडे मील के साथ जोड़ने को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस दौरान जिलाधिकारी गढ़वाल ने सुझाव देते हुए कहा कि पहाड़ी काश्तकारों द्वारा उत्पादित फसलों की खरीद शुरू होने पर स्वतः ही क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। जिससे क्षेत्र में हो रही पलायन पर अंकुश लगेगा तथा मिडडेमील योजना के तहत जोड़ने से बच्चों को जैविक पोष्टिक आहार के साथसाथ काश्तकारों की आर्थिकी सवंर्द्धित होने से क्षेत्र में पैदावार बढ़ेगा। गढ़वाल आयुक्त ने अपर निदेशक कृषि को निर्देशित करते हुए कहा कि क्षेत्र की पैदावार फसलों को स्थलीय सर्वे कर निर्धारित प्रारूप में रिर्पोट संकलित करेंगे। साथ ही सर्वे के दौरान काश्तकारों से भी प्रश्नवाचक रिर्पोट संकलित करेंगे कि काश्तकारों द्वारा की जा रही फसलों के प्रति रूझान एवं उत्पादित फसलों से लाभहानि आदि सभी बिन्दु पर आधारित हों। जिस हेतु उन्होंने एक सप्ताह के भीतर प्रारूप बनाने के निर्देश दिये। साथ ही निर्देशित किया कि तकनीकी दृष्टिगत अथवा वैज्ञानिकता के आधार पर रिर्पोट संकलित कर शासन को प्रस्ताव प्रेषित करेंगे।


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By udaen

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