Spread the love

कोटद्वार के श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव में भजन संध्या का शुभारंभ करते जगद्गरु शंकराचार्य राजरा?प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने किया। उन्होंने कहा कि भगवान की परिपूर्णता हनुमान के साथ होती है। हनुमान धर्म की प्रतिमूर्ति हैं और बिना धर्म के मनुष्य पशु के समान होता है।

शनिवार को श्री सिद्धबली महोत्सव में पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज का मंदिर समिति और महोत्सव आयोजन समिति के सदस्यों ने फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। मुख्य मंच पर प्रवचन देते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि मेला हमारी प्राचीन परंपरा है। मेलों से हमारी संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। कहा कि श्री सिद्धबली बाबा के दरबार में लोगों को सच्ची श्रद्धा के साथ आना चाहिए। कहा कि लोगों को भगवान कृष्ण ने जो गीता में कहा कि उससे सीख लेनी चाहिए और भगवान श्री राम ने जो किया उससे सबक लेना चाहिए। कहा कि श्रीराम से अच्छा पुत्र, पति, भाई कोई नहीं है। जिन्होंने पिता के वचन को पूरा करने के लिए सहर्ष वनवास ले लिया, एक क्षण में भाई को अपना राज सिंहासन सौंप दिया। लेकिन, आज लोग अपने माता-पिता का अनादर कर रहे हैं, भाई-भाई के जान का दुश्मन बना हुआ है। वर्तमान में लोग अपने बच्चों को भौतिकवाद की ओर धकेल रहे हैं, जिसके कारण आज के बच्चे संस्कारवान नहीं हैं। उन्होंने समाज में पनप रही विकृति को समाप्त करने के लिए बच्चों को संस्कारी बनाने और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन से सीख लेने की अपील की। संचालन प्रमोद रावत ने किया।

इस अवसर पर भारत माता मंदिर हरिद्वार के महंत ललिता गिरीजी महाराज, श्री सिद्धबली मंदिर के महंत दिलीप रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंज बिहारी देवरानी, महोत्सव संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल, महोत्सव समिति के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, विवेेक अग्रवाल, शिव कुुमार अग्रवाल, शैलेंद्र बिष्ट, राजदीप माहेश्वरी, शिव प्रसाद पोखरियाल, कृष्ण कुमार अग्रवाल, हरीश घिल्डियाल, आरसीएस रावत, संजय बंसल, अनिल अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद अंथवाल, गौरव भाटिया, उमेश त्रिपाठी, रविंद्र जजेड़ी आदि मौजूद थे।


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *