दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों को सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों की निगरानी का निर्देश

खास बातें

  • दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान को गंभीरता ने निगरानी करने को कहा गया
  • सीपीसीबी कार्यबल ने दिया निर्देश, जीआरएपी को सख्ती से लागू करने को कहा
  • ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) को सख्ती से लागू करने का भी आदेश
  • राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेंगे औद्योगिक इलाकों में उत्सर्जन की निगरानी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) कार्यबल ने एनसीआर के चार राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को अपने यहां के सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों की गंभीरता से निगरानी करने को कहा है। साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) को सख्ती से लागू करने को भी कहा है।

सीपीसीबी कार्यबल ने चारों राज्यों को सुप्रीम कोर्ट की ओर से अधिकृत पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण को प्रदूषण के खिलाफ उठाए कदमों की हर हफ्ते रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जीआरएपी पर गठित 10 सदस्यीय सीपीसीबी कार्यबल की शुक्रवार को समीक्षा बैठक हुई। यह कार्यबल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर के आधार पर उपायों पर अमल को तय करता है।

औद्योगिक इलाकों में निकलने वाली धूल को तत्काल करें नियंत्रित

कार्यबल ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को सड़कों की सफाई, डामरीकरण और औद्योगिक इलाकों में निकलने वाली धूल के नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा। कार्यबल ने चारों राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को औद्योगिक इलाकों में उत्सर्जन की निगरानी करने को कहा है। साथ ही यहां कूड़ा फेंकने और जलाने पर भी नजर रखने को कहा गया है।

कार्यबल ने मौजूदा वायु गुणवत्ता परिदृश्य, पंजाब से पराली जलाने की घटनाओं की खबरों, मौसम विभाग की भविष्यवाणी और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तैयारियों की समीक्षा की।

भारतीय मौसम विभाग के वीके सोनी ने कार्यबल को बताया कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता तीन अक्तूबर तक संतोषजनक श्रेणी में बने रहने की उम्मीद है और प्रचलित मौसम पैटर्न पर विचार करते हुए अक्तूबर के पहले हफ्ते में वायु गुणवत्ता में बहुत बड़े बदलाव या गिरावट आने की संभावना नहीं है।

शहरी ठोस कचरे और मलबा हटाने को विशेष अभियान

सीपीसीबी के सदस्य प्रशांत गर्गवा ने अनुपालन एजेंसियों से रोजाना रिपोर्ट लेने और गड़बड़ी करने वाली और सहयोग नहीं करने वाली एजेंसियों को दंडित करने व उन पर जुर्माना लगाने को भी कहा है। कार्यबल ने 10 दिन में शहरी ठोस कचरे और मलबे को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा है। ठंड के मौसम में बिजली कंपनियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने को कहा है ताकि लोग डीजल जनरेटर का इस्तेमाल न करें।

दिल्ली में सबसे प्रदूषित 13 जगहों की पहचान की गई

डीपीसीसी की सदस्य सचिव अरुण मिश्रा ने सीपीसीबी को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में सबसे प्रदूषित 13 स्थानों की पहचान की गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि एक अक्तूबर से औद्योगिक इलाकों समेत अन्य जगहों पर रात्रिकालीन गश्त शुरू की जाएगी और 31 अक्तूबर तक सभी औद्योगिक इकाइयां पीएनजी का इस्तेमाल करने लगेंगी।

यूपी, हरियाणा, राजस्थान में खुले में कूड़ा जलाने से रोकने को गार्डों की तैनाती

हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रतिनिधियों ने भी धूल, कूड़ा एवं मलबा प्रबंधन को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी। इन राज्यों ने बताया कि वे लगातार निगरानी रखे हुए हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर मिलने वाली शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है और कूड़े को खुले में जलाने से रोकने के लिए गार्डों की तैनाती की गई है।

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