Spread the love

जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) बनाने की तैयारी की जा रही है. जहां एक तरफ नया निर्माण करने की तैयारी की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ 6 हज़ार पेड़ों का अस्तित्व खत्म होने जा रहा है. इसका मतलब कि एयरपोर्ट बनाने के लिए हज़ारों पेड़ों की कटाई की जाएगी. ये सभी पेड़ जेवर के 6 गांवों की ज़मीन पर लगे हुए हैं. नोएडा अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को बनाने की ज़िम्मेदारी विदेशी कंपनी ‘ज्यूरिख’ को सौंपी गयी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी को टेंडर दिए जाने का फैसला यूपी कैबिनेट में पास हो चुका है.

एक पेड़ की कटाई पर लगेंगे 10 पौधे

जहां इन 6 हज़ार पेड़ों को काटे जाने की योजना बनायी गयी है, वहीं योगी सरकार इसकी भरपाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च भी करेगी. पेड़ की कटाई को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में कैबिनेट मीटिंग की. इस कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अगर किसी को एक पेड़ काटना है तो उसके बदले उसे 10 पौधे लगाने होंगे. ऐसे में यह बात साफ़ है कि अगर पेड़ काटे जाएंगे तो उनकी जगह कई नए पौधे लेंगे.

6 गांवों की ज़मीन पर लगे हुए हैं ये पेड़

आपको बता दें कि रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन पेड़ों की कटाई की जाएगी, वे 1334 हेक्टेयर की जमीन पर लगे हैं. साथ ही जिस ज़मीन पर ये पेड़ लगे हुए हैं, वो जेवर तहसील के 6 गांवों की ज़मीन है. ज़मीन को अधिग्रहित कर एयरपोर्ट बनाने की योजना की गयी है.

deforstation main

वन विभाग ने दे दी है स्वीकृति

एयरपोर्ट बनाने की इस योजना के लिए वन विभाग ने कुछ शर्तों के साथ पेड़ काटने की स्वीकृति दे दी है. नए पौधे लगाने के लिए 30 हेक्टेयर की ज़मीन राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं इन नए पौधों को लगाने के बाद 3 साल तक इनकी देखभाल भी की जाएगी. इसके रखरखाव पर एक करोड़ 42 लाख 63 हजार रुपये खर्च होंगे. प्रभागीय वन अधिकारी की ओर से एयरपोर्ट के नोडल ऑफिसर को इस बारे में पत्र भेजा गया है।

वहीं अगर बात करें कि कबतक यह एयरपोर्ट तैयार किये जाने की उम्मीद है, तो बता दें कि जनवरी के दूसरे हफ़्ते में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एयरपोर्ट के शिलान्यास की योजना भी बना ली गयी है.

ये हैं लगाए जाने वाले नए पौधे

योगी कैबिनेट की बैठक में स्वच्छ पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए कुछ पौधों की पहचान भी की गयी है. योजना है कि नए पौधे पीपल, महुआ, नीम, साल और आम होंगे. इसका मतलब यह है कि यूपी सरकार इस तरह के बड़े और छायादार पौधे लगाने का सोच रही है.


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *