जिलाधिकारी श्री दीपक रावत ने आज किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में स्वैंिच्छक संस्थाओं द्वारा संचालित विभिन्न बाल गृहों का भौतिक निरीक्षण कियाजिलाधिकारी श्री दीपक रावत ने आज किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में स्वैंिच्छक संस्थाओं द्वारा संचालित विभिन्न बाल गृहों का भौतिक निरीक्षण किया

जिलाधिकारी श्री दीपक रावत ने आज किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में स्वैंिच्छक संस्थाओं द्वारा संचालित विभिन्न बाल गृहों का भौतिक निरीक्षण किया। डीएम ने यहा रखे गये बालकों के स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुकूल वातावरण, सुुरक्षा एव स्वच्छता के मानकों की निगरानी की। उन्होंनंे जिला स्तर पर गठित बाल संरक्षण समिति को उक्त सभी संस्थाओं के पंजिकरण दस्तावेज आश्रमों पर चस्पा कराये जाने के निर्देश दिये। जगजीतपुर कनखल स्थित मातृ आंचल बाल गृह के निरीक्षण में जिलाधिकारी ने कक्षा नौ की बालिका के साथ लकड़ी के चूल्हे पर जल जाने की घटना पर संस्था प्रबंधिका ममता अग्रवाल से घटना की पूरी जानकारी ली। प्रबंधिका ने बताया कि गैस सिलेण्डर खत्म होने तथा काफी दिनों पूर्व गैस बुकिंग के बाद भी गैस डिलिवर न होने कारण बालकों के लिए लकड़ी का अस्थाई चूल्हा बनाकर खाना बनाया गया था। छात्रा अचानक चक्कर आने से वहां बने चूल्हे पर गिर गयी। छात्रा को जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां सामान्य उपचार के बाद सेकण्ड डिग्री बर्न का शिकार हुई छात्रा हो हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। डीएम ने बिना उपचार दिये छात्रा को भेजे जाने पर चिकित्सालय की लापरवाही पर सीएमस से जानकारी लेने तथा उक्त चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई किये जाने की निर्देश दिये। डीएम ने अपनी उपस्थिति में छात्रा को 108 के माध्यम से एम्स भेजा। साथ ही एक माह तक भी आश्रम को डिलिवरी न देने वाली गैस एजेंसी के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के लिए डीएसओ को निर्देश दिये। डीएम ने रावली महदूद में गृह रामराज संस्थान द्वारा संचालित खुला आश्रय संस्था का निरीक्षण किया। यह आश्रय शून्य से 18 वर्ष तक निराश्रित एवं मजदूरी समय में बच्चों को अकेला छोड़ कर जाने वाले बच्चों की दिन भर देखभाल करता है। काम से वापस लौट इन बच्चों के माता पिता बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। उक्त आश्रम की प्रबन्धिका संस्था के पंजीकरण संबंधी दस्तावेज जिलाधिकारी को नहीं दिखा पायी जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुए संस्था के समस्त दस्तावेज जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के माध्यम से भी निराश्रय बच्चो को यहां भेजा जाता है। जिसकी अधिकतम क्षमता 25 बालक है। डीएम ने बीएचईएल मोड़ बहादराबाद स्थित वात्सल्य वाटिका का भी निरीक्षण किया। 10 बालक क्षमता की यह संस्था विशेष रूप से निराश्रित बालकों के लिए संचालित की जा रही है। यहां की अनुशासन एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण की उन्होंने प्रशंसा की। शिशु पालन ट्रस्ट द्वारा श्यामपुर में संचालित 100 बालक बालिका क्षमता की संस्था श्रीराम आश्रम का भी डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने आश्रम में रह रहे बच्चों के लिए संस्था की ओर से दी जा रही सुविधाओं की सराहना की। आश्रम के बच्चों के पालन पोषण से लेकर उनकी आजिविका तथा विवाह तक के संस्कार सम्पन्न कराी जाने वाली इस संस्था के कार्येा पर उन्होंने संतोष जताया। निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री रणजीत सिंह बड़थ्वाल, चिकित्साधिकारी टीबी हाॅस्पिटल डाॅ अजय कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी श्रमती बेबेनाज, शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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