Spread the love

खान मंत्रालय

azadi ka amrit mahotsav

जियोलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने अपने कोलकाता स्थित मुख्यालय और साथ ही साथ देश भर में फैले अपने 32 कार्यालयों में आजादी का अमृत महोत्सव (भारत की आजादी का 75वां वर्ष) बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया। इस कार्यक्रम का आयोजन खान मंत्रालय के आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) के तहत ऐतिहासिक सप्ताह समारोह के हिस्से के रूप में किया गया था, जोकि 11 जुलाई 2022 से शुरू होकर 17 जुलाई 2022 तक चलेगा। मंत्रालय के अधीन सभी विभागों/संगठनों द्वारा देश भर में ऐतिहासिक सप्ताह मनाया जा रहा है।  

wps7

मुख्य समारोह कोलकाता में जीएसआई के केन्द्रीय मुख्यालय परिसर में आयोजित किया गया। दिन भर चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संग्रहालय के आशुतोष जन्म शताब्दी हॉल में एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई। 75 गुब्बारों को उड़ाने, पॉट गैलरी का अनावरण और जीएसआई के महानिदेशक डॉ. एस. राजू द्वारा पौधे लगाने जैसी गतिविधियां इस समारोह के मुख्य आकर्षणों में शामिल थीं।

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सभागार में इनडोर कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस. राजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत व “वंदे मातरम” के पाठ से हुई। तीन पुस्तकों यानी एक्टिव फाल्ट कॉम्पेंडियम ऑफ इंडिया से संबंधित विशिष्ट प्रकाशन; जीएसआई के रिकॉर्ड, खंड-155, भाग-2; इंडियन जर्नल ऑफ जियोसाइंसेज, खंड -76, संख्या -1 और दो ऑनलाइन ई-प्रकाशनों – एटलस ऑन सब-मरीन फीचर्स ऑफ इंडियन ऑफशोर एवं जियोटूरिज्म मैप ऑफ इंडिया – का विमोचन महानिदेशक द्वारा किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी महानिदेशक द्वारा सम्मानित किया गया।  

wps8

सभा को संबोधित करते हुए, डॉ. एस. राजू ने बदलते राष्ट्रीय एवं वैश्विक सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में जीएसआई के दृष्टिकोण, मिशन और रणनीतिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने आने वाले वर्षों में जीएसआई को प्रासंगिक बनाने के लिए विशेष रूप से खनिज अन्वेषण और सार्वजनिक हित के भूविज्ञान के क्षेत्र में जीएसआई की भविष्य की गतिविधियों के बारे में भी चर्चा की। डॉ. राजू ने भारत को “आत्मनिर्भर” बनाने की दिशा में रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिज अन्वेषण से संबंधित जीएसआई के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

wps9

आशुतोष जन्म शताब्दी हॉल में आयोजित प्रदर्शनी में चट्टानों, खनिजों, अयस्कों एवं जीवाश्मों के नमूने प्रदर्शित किए गए और मेहमानों व गणमान्य व्यक्तियों को उनके महत्व के बारे में बताया गया। पिछले 75 वर्षों के दौरान जीएसआई की गतिविधियों और उपलब्धियों को भी बैनर, पोस्टर तथा डिजिटल डिस्प्ले के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। भारत की आजादी और जीएसआई की ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में छात्रों एवं कर्मचारियों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भारत की आजादी और महिला सशक्तिकरण के विषय में पेशेवर समूहों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सभी ने सराहना की।

****

इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English Urdu

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
Share on linkedin

Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published.