जनपद के प्रधानमंत्री आदर्श गांव सभाओं के आन्तरिक सड़कों में फलदार वृक्षों से किया जायेगा सुशोभित, चयनित गांवों में तीन-तीन सौ के करीब फलदार पौधों के वृक्षारोपण किये जायेगें। साथ ही पेयजल साधन को और सुदृढ बनाने हेतु गांवों में एक-एक जल संचय/संग्रह हेतु वैकल्पिक टेंक बनाये जायेगें।

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जनपद के प्रधानमंत्री आदर्श गांव सभाओं के आन्तरिक सड़कों में फलदार वृक्षों से किया जायेगा सुशोभित, चयनित गांवों में तीन-तीन सौ के करीब फलदार पौधों के वृक्षारोपण किये जायेगें। साथ ही पेयजल साधन को और सुदृढ बनाने हेतु गांवों में एक-एक जल संचय/संग्रह हेतु वैकल्पिक टेंक बनाये जायेगें। यह बात जिलाधिकारी गढ़वाल डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रधामंत्री आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत गठित जिला अभिसरण समिति की बैठक अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होने गांवों में की जाने वाले सभी विकास कार्यो में मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ गम्भीरता पूर्वक कराने को कहा। साथ ही उन्होने कूड़ा प्रबंधन निस्तारण हेतु प्लानिंग के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिये। जबकि उक्त गांवों में की जाने वाले समुचित कार्यो की जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला पंचायत राज अधिकारी स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिये।
जनपद में प्रधामंत्री आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत 6 ग्राम सभा चयनित है, जिनमें विकास खण्ड कल्जीखाल में बूंगा तथा बिलखेत, विकास खण्ड पाबो में सिमखेत, विकास खण्ड थलीसैंण में ब्यासी, विकास खण्ड नैनीडांडा में पटोटिया तथा विकास खण्ड रिखणीखाल में चपढे़त। जिलाधिकारी ने रेखीय विभाग से उक्त गांवों की वर्तमान में वस्तुस्थिति तथा प्रस्तावित कार्यो पेयजल, विद्युत, स्ट्रीट लाईट, आगनबाड़ी, आन्तरिक सड़क, स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन, नाली निर्माण सहित अन्य कार्य गांववार जानकारी ली। जिस पर संबंधित अधिकारी ने अपनी योजना की समुचित जानकारी से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव में समुचित सुविधा एवं योजना को व्यवस्थित रूप से विकसित करते हुए ग्रामीणों को
भी दोहन हेतु जागरूक करेंगे। गांवों में सफाई एवं पेयजल संचय के प्रति जागरूक करना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि गांव के आन्तरिक सड़कों के किनारे अनार, आवला, नींबू आदि के फलदार वृक्ष लगाना सुनिश्चित करेेगें, वृक्षारोपण कार्य हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया। कहा कि गांव के सड़क/रास्ते में नाली के निर्माण प्रबंधन रूप से करेंगे। जिससे पानी की निकासी व्यवस्थि रूप से बनी रहे। स्रोत से दूर, वर्षा तथा फालतू बहते पानी को संग्रहण हेतु एक-एक टेंक बनाना सुनिश्चित करेंगे। जिससे पानी की उक्त गांव में वैकल्पिक व्यवस्था हो सकंे। उन्होने कार्यो की फोटो एवं वीडियोग्राफी भी कराने के निर्देश दिये। उन्होने गांव में जल जीवन मिशन के तहत की जा रही पेयजल आपूर्ति की कार्यो की भी जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि गांव के समस्त कार्यो की बोर्ड लगाना सुनिश्चित करेंगे।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनिता अरोड़ा, मुख्य शिक्षा अधिकारी एम.एस. रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी एम.एम. खान, पीओ उरेडा शिव सिह मेहरा, बीडीओ नैनीडांडा संतोष जेठी, पाबों जे.एस. बिष्ट, डब्लू.इ.सी.डी. उमा दत्त जाशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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