गाड़ियों को चोरी करना होगा मुश्किल, 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नंबर प्लेट्स

नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। High Security Registration Plates (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स) 1 अप्रैल से सभी वाहनों के साथ ग्राहकों को मिलेंगे। दरअसल संसद में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक लिखित जवाब देते हुए बताया कि 1 अप्रैल से सभी वाहन निर्माताओं के लिए HSRP देना अनिवार्य होगा इशमें तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क भी शामिल होगा।गडकरी ने कहा कि सेंट्रल मोटर व्हीकल्स नियम,1989 में अमेंड और HSRP ऑर्डर, 2001 को रिविजन के लिए पब्लिक डोमेन में भेजा गया है, जहां इसपर मिलने वाले सुझावों और शिकायतों को लेकर 5 जून 2018 को मीटिंग की जाएगी।।HSRP को लेकर ग्राहकों के दिमाग में कई सवाल हैं। ऐसे में कुछ बातों को जानना जरूरी है
जैसे,नए वाहनों की नंबर प्लेट में क्या होगा
शामिलसड़क परिवहन मंत्रायल की तरफ से दिए गए आदेश के बाद अब वाहन निर्माता कंपनियां तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क भी बनाएंगी। इसमें गाड़ी में कौन सा इंधन इस्तेमाल हो रहा है इसके लिए भी कलर कोडिंग किया जाएगा। वहीं, गाड़ी को हैंडओवर करने से पहले डीलर्स इसे गाड़ी की विंड शील्ड पर लगाएंगे।

मौजूदा वाहनों के लिए क्या होगा?
मंत्रालय ने पुराने या फिर मौजूदा वाहनों को लेकर कहा, रजिस्ट्रेशन मार्क लगने के बाद वाहन निर्माता कंपनी की तरफ से दिए गए हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट को कंपनी के डीलर्स भी लगा सकते हैं।
चोरी और दुर्घटना के दौरान आएगा कामहाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट की मदद से चोरी या दुर्घटना के तुरंत बाद उस वाहन और उसके मालिक से जुड़ी जानकारी हासिल हो सकेगी।
क्या है खास?
हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पर ग्राहकों को पांच साल की गारंटी मिलेगी। इसमें तीसरा रजिस्ट्रेशन मार्क को एक बार निकाले पर यह खराब हो जाएगा। स्टिकर में रजिस्ट्रेशन नंबर, रजिस्ट्रेशन करने वाली अथॉरिटी, लेजर-ब्रैंडेड परमानेंट नंबर के साथ इंजन नंबर और चेसिस नंबर की जानकारी मिलेगी। इससे किसी भी वाहन को चोरी करना पहले से बहुत मुश्किल हो जाएगा।
हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के लिए ग्राहकों को किसी भी तरह का कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह वाहन की कीमत में शामिल होगा।
नंबर प्लेट को बदलना होगा अब मुश्किलदरअसल हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एल्युमिनियम का बना होता है जिसमें रिफ्लेक्शन टेप्स लगे होते हैं। इन नंबर प्लेट्स के साथ छेड़छाड़ करना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि ये क्रोमियम बेस्ड होते हैं। इनमें खुद से खत्म होने वाले होलोग्राम लगे होते हैं, जिनमें कई जारूरी जानकारी दी गई हैं। इनमें इंजन की जानकारी, चेसिस नंबर के साथ लेजर ब्रांडिंग किया 10 अंकों का परमानेंट आईडेंटिफिकेशन नंबर शामिल है।

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