कोटद्वार -नजीबाबाद के रेलवे ट्रेक पर चलेगा इलेक्ट्रिक इंजन

अब इलेक्ट्रिक ट्रेन कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग पर दौड़ेगी
   
कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग पर जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन चलने लगेगी। कोटद्वार-नजीबाबाद रेल लाइन पर विद्युतीकरण का काम चल रहा  है। यह काम इसी  वर्ष मार्च 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा।

वर्ष 1885 में अंग्रेजों के जमाने  में बने कोटद्वार रेलवे स्टेशन से अब कुछ महीनों  बाद रेल यात्रियों को इलेक्ट्रिक ट्रेन से सफर करने का मौका मिलेगा। अंग्रेजों के राज से  ही कोटद्वार रेल सेवा से जुड़ गया था। आजाद भारत की सरकार में कोटद्वार को मॉडल रेलवे स्टेशन घोषित किया गया, लेकिन आज तक यहां न तो डबल लाइन बिछ पाई और न ही रेल सेवाओं में इजाफा ही हो सका। यही वजह रही कि अभी तक नजीबाबाद से कोटद्वार के बीच 25 किमी लंबी लाइन का विद्युतीकरण भी नहीं हो सका था। अब तक यहां चलने वाली पैसेंजर ट्रेन, गढ़वाल एक्सप्रेस और मसूरी के कोच भी डीजल इंजन से जुड़कर आते जाते रहे हैं।
सांसद मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि) के प्रयासों से उत्तर रेलवे ने कोटद्वार रेल लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य शुरू कर दिया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि करीब 25 किमी लंबे कोटद्वार-नजीबाबाद रेलमार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य मार्च 2019 तक निर्धारित किया गया है, जिसके तहत कोटद्वार रेलवे स्टेशन से नजीबाबाद तक लाइन के दोनों ओर गड्ढे खोदकर खंभे लगाने का काम शुरू हो गया है। लगता है कि कोटद्वार  नजीबाबाद रेल ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन  समय और ईंधन दोनों की बचत होगी और  ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ेगी।

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