किसान और खेतिहर मजदूर विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर सभी को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं

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कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय

किसान और खेतिहर मजदूर विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर सभी को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं

देश में रबी फसलों की कटाई समय पर

गेहूं की 81.55 प्रतिशत फसल पहले ही काटी जा चुकी है

छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना में गन्ने की कटाई का काम पूरा

चना, मसूर, उड़द, मूंग और मटर की कटाई पूरी

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम में सरसों की कटाई शत-प्रतिशत पूरी

वर्तमान महामारी की स्थिति के बीच, किसान और खेतिहर मजदूर हर प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद यह सुनिश्चित करने के लिए अपना पसीना बहा रहे हैं और मेहनत कर रहे हैं कि हमारे घरों तक भोजन पहुंच सके। केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा समय पर किये गये हस्तक्षेप के साथ उनके मूक प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया है कि कटाई की गतिविधियों में न्यूनतम या कोई व्यवधान न हो। उठाये गये विभिन्न सक्रिय कदमों के परिणामस्वरूप, रबी फसल की कटाई समय से हो रही है और किसानों के लाभ के लिए फसलों की समय पर खरीद सुनिश्चित की जा रही है।

जहां तक रबी की फसल का प्रश्न है, देश में 315.80 लाख हेक्टेयर में बोयी गयी कुल गेहूं में से 81.55 प्रतिशत की कटाई पहले ही हो चुकी है। राज्यवार कटाई में भी वृद्धि हुई है और यह राजस्थान में 99 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 96 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 80 प्रतिशत, हरियाणा में 65 प्रतिशत और पंजाब में 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कटाई अपने चरम पर है और अप्रैल 2021 के अंत तक इसके पूरे होने की संभावना है।

158.10 लाख हेक्टेयर में बोयी गयी दालों में से, चना, मसूर, उड़द, मूंग और मटर की कटाई पूरी हो चुकी है।

जहां तक गन्ने का प्रश्न है, कुल 48.52 लाख हेक्टेयर (चीनी के मौसम 2020-21) में गन्ने  की बुआई की गई थी। इसमें से छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना में कटाई पूरी हो गई है। बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 92 से 98 प्रतिशत कटाई पूरी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में 84 प्रतिशत कटाई हो चुकी है और यह मई 2021 के मध्य तक जारी रहेगी।

आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के कुल 45.32 लाख हेक्टेयर में बोये गये चावल (जाड़े के मौसम) में से 18.73 लाख हेक्टेयर में कटाई हो चुकी है। बाकी की फसल कटाई के चरण में पहुंच रही है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में रबी चावल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है।

जहां तक तिलहन की फसलों का प्रश्न है, सरसों की बुआई लगभग 70 लाख हेक्टेयर में की गई थी। इसमें से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम में 100 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। हरियाणा में कटाई लगभग पूरी (99.95 प्रतिशत) हो चुकी है और पंजाब में लगभग 77 प्रतिशत कटाई हुई है। मूंगफली की, जिसकी बुआई 7.34 लाख हेक्टेयर में की गई है, 62.53 प्रतिशत कटाई हो चुकी है।

इस प्रकार, फसलों की कटाई समय से हो रही है और किसानों के प्रयासों की सराहना और मान्यता दिये जाने की जरूरत है।

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