कार्बेट के पाखरो गेट खुलने से गढ़वाल को मिली नई पहचान: त्रिवेंद्र रावतकार्बेट के पाखरो गेट खुलने से गढ़वाल को मिली नई पहचान: त्रिवेंद्र रावत

कोटद्वार से कार्बेट नेशनल पार्क के पाखरो गेट का भी मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वह विशेष रूप से पाखरो गेट के उद्घाटन के लिए कोटद्वार आए हैं। पाखरो गेट के खुलने से कोटद्वार ही नहीं अपितु कार्बेट से लगे दुगड्डा, जयहरीखाल, रिखणीखाल और नैनीडांडा ब्लॉकों के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। जनपद के लिए कई योजनाएं लागू की गई है, जिससे जनपद पौड़ी गढ़वाल को नई पहचान मिलेगी। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि जिस सकंल्प को लेकर उन्होंने चुनाव लड़ा था, उन्होंने पूरा कर दिया है। आज जिन विकास कार्यों के शिलान्यास हुए हैं, उन्हें भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। दो वर्षों के अथक प्रयासों के बाद 100 साल पुरानी मांग पाखरो गेट खुलने से पूरी होने जा रही है। उत्तराखंड में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी पुल का निर्माण तीन माह में पूरा हुआ है। बरसात शुरू होने से पहले लालढांग मार्ग पर अन्य दो पुलों का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा। इस मौके पर अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, भुवनेश खर्कवाल, उमेश त्रिपाठी, सुमन कोटनाला, राजेंद्र अणथ्वाल, मुख्य वन संरक्षक जयराज आदि मौजूद रहे। संचालन महामंत्री बीरेंद्र रावत ने किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत बुधवार को कोटद्वारवासियों को कई सौगात दे गए।

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