एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना की जिला क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति की वित्तीय वर्ष 201819 की त्रैमासिक बैठक का आयोजन जिलाधिकारी, नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में वृहस्पतिवार को विकास भवन में किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास निधि (प्थ्।क्) के वित्तीय सहयोग एवं उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास समिति (न्ळटै) द्वारा संचालित एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना की जिला क्रियान्वयन एवं समन्वयन समिति की वित्तीय वर्ष 201819 की त्रैमासिक बैठक का आयोजन जिलाधिकारी, नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में वृहस्पतिवार को विकास भवन में किया गया। बैठक में प्रभागीय परियोजना प्रबन्धक श्री कैलाश चन्द्र भट्ट द्वारा परियोजना गतिविधियों का प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने जानकारी दी कि परियोजना द्वारा जनपद के 10 विकास खण्डों में कुल 4 तकनीकी संस्थाओं के माध्यम से परियोजना गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है। परियोजनान्तर्गत तकनीकी संस्थाओं के माध्यम से कुल 45 आजीविका संघों/सहकारिताओं का गठन किया गया है। आजीविका संगठनों के माध्यम से अपनी सशक्त्ता के लिए विभिन्न तरह की कृषि एवं गैर कृषि गतिविधियों/उद्यमों को संचालित किया जा रहा है। श्री भट्ट ने बताया कि परियोजना द्वारा वर्तमान में लगभग 30000 परिवारों के साथ कार्य करते हुए मुख्यतः मसाला, डेयरी, परम्परागत् फसलों पर कार्य किया जा रहा है। वर्तमान तक कुल 81 लघु संग्रहण केन्द्र, 5 संग्रहण केन्द्र, 83 एलडीपीई टैंक, 123 स्थानों में घेरबाड़, 155 हैक्ट. भूमि में चारा उत्पादन, 210 हैक्टे. में फल पौध रोपण का कार्य किया गया है। प्रभागीय परियोजना प्रबन्धक ने बताया कि परियोजना द्वारा रेखीय विभागों के साथ सामन्जस्य के साथ कार्य करते हुए कई तरह की गतिविधियों को सम्पादित किया जा रहा है। संग्रहण केन्द्र निर्माण हेतु जिला प्रशासन के सहयोग से कुल 4 भूमि चयनित की गयी थी, उक्त में से मजखाली में एक संग्रहण केन्द्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यूएलडीबी के सहयोग से संचालित कुल 24 एकीकृत पशुधन विकास केन्द्रों के माध्यम से 11546 कृत्रिम गर्भाधान, 2526 टीकाकरण आदि कार्य किये गये हैं। इसी प्रकार कृषि विभाग के माध्यम से आजीविका संघों को फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध करवाये गये हैं। हवलबाग में परियोजना के माध्यम से संचालित एग्रो प्रोसेसिंग युनिट/बेकरी के उत्पादों के विपणन हेतु रघुनाथ माॅल में हो दाज्यू शाप का संचालन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्थानीय उत्पादों की बेहतर पैकिंग करने की बात कही। उन्हांेने श्री भट्ट को निर्देशित किया कि वह अतिशीघ्र संबंधित रेखीय विभागों के अधिकारियांे को चितई स्थित एस.ओ.एस. का भ्रमण करवाये तथा वहां पर की जा रही बेहतर पैकिंग से सीख हासिल करें। मुख्य विकास अधिकरी ने श्री भट्ट से कहा कि वह इस हेतु अपने स्तर से तिथि का निर्धारण कर उन्हें अवगत करवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अल्मोड़ा जनपद के उत्पादों हेतु एक ब्राण्ड नाम होने की बात कही। उन्होंने कहा कि जनपद में ईको टूरिज्म/होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए भी परियोजना एवं अन्य विभागों को आपसी सामन्जस्य से कार्य करना होगा। आगामी 1617 फरवरी को परियोजना के माध्यम से संचालित किसान मेले के विषय में भी चर्चा तथा परियोजना द्वारा एक प्रस्तुतिकरण दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उपयोग में नहीं लाये जा रहे सरकारी भवनों को परियोजना गतिविधियों हेतु उपलब्ध करवाया जा सकता है। इस हेतु परियोजना द्वारा अपनी आवश्यकता को बताना होगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, मनुज गोयल, मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह, मुख्य पशुपालन अधिकारी डा. आर. चन्द्रा, सहायक निबंधकसहकारिताएं श्री राजेश चैहान, जिला अग्रणी बैंक अधिकारी श्री ललित सेमवाल, ग्रास संस्था प्रमुख श्री गोपाल सिंह चैहान, समस्त सहायक प्रबन्धक, आजीविका परियोजना, परियोजनान्तर्गत तकनीकी संस्थाओं (ग्रास, आईएफएफडीसी, राड्स, सुविधा) की तकनीकी संस्था समन्वयक, आजीविका संघों की प्रतिनिधि सहित कुल 65 प्रतिभागी उपस्थित रहे। अल्मोड़ा 08 फरवरी, 2019 (सू0वि) जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि तहसील रानीखेत में प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ बृहस्पतिवार को होने वाले जनता मिलन दिनाॅंक 14 फरवरी को आयोजित किया जाना था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लोकसभा सामान्य निर्वाचन तैयारियों में जनपद स्तरीय अधिकारियों की व्यवस्तता के कारण जनता मिलन कार्यक्रम स्थगित किया गया हैं जिला सूचना अधिकारी अल्मोड़ा

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