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पाण्डव कालीन लोक परम्पराओं का आयोजन ऋषिकेश में तीसरे दिन बोल भबरीक बोल लोक नाट्य का मंचन किया गया।

ऋषिकेश मे पाण्डवनृत्य की श्रीखला में कमल रावत द्वारा लिखे लोक नाट्य बोल भबरीक बोल लोक नाट्य का मंचन उत्सव ग्रुप श्रीनगर के कलाकारों ने डॉ राकेश भट्ट के निर्देशन में किया।

तीसरे दिवस में14 बीघा नया पुल चंद्र भागा पुल के समीप मैदान मेआयोजित पांच दिवसीय पाण्डव कार्यक्रम का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल पूर्व राज्यमंत्री रविंद्र जुगरान राज्य मंत्री ज्ञान सिंह नेगी ने किया।

कार्यक्रम का सुभारम्भ लोकगायक विनोद बिजल्वाण के लोक गीत से हुआ फिर लोकगायक दीपक ने माँ भगवती का जागर गा कर समा बाद दिया ।
उसके उपरान्त रंगकर्मी मदन राणा के निर्देशन में केदारघाटी के सूदूर गाँव गड़कु से आये पाण्ड्वो के किरदारों(पश्वा) ने लोक शैली में पाण्डव नृत्य कर समाँ बांध दिया।

खचा खच भरे मैदान में दर्शकों के मध्य फिर सुरु हुआ डॉ राकेश भट्ट द्वारा निर्देशित नाट्य “बोल भबरीक बोल” ।
इस लोक नाट्य में महाभारत के युद्ध को ठीक से संचालित करने के उद्देश्य से नर बलि दी जानी थी
जिसके कारण भबरीक की बलि दी गयी और उसके शिर ने पूरे महाभारत के युद्ध को देखा था।
इस भावपूर्ण लोकनाट्य को देखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर अपार जन समूह अंत तक डटा रहा।

पांच दिन तक चलने वाले इस आयोजन में आज ” चक्रब्युह” लोक नाट्य का मंचन किया जाएगा

Narendra Deorari


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By udaen

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