उत्तराखंड: हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, बूचड़खाने नहीं बना सकते तो घोषित कर दो शाकाहारी प्रदेश

उत्तराखंड: हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, बूचड़खाने नहीं बना सकते तो घोषित कर दो शाकाहारी प्रदेश

 

खास बातें

  • 2011 से अब तक बूचड़खाना नहीं बनाए जाने पर हाईकोर्ट की सख्ती
  • सचिव शहरी विकास, डीएम नैनीताल समेत अन्य पर आपराधिक अवमानना के आरोप तय किए 

उत्तराखंड में मानकों के अनुरूप बूचड़खाने नहीं बनाए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार बूचड़खाने नहीं बना सकती है तो प्रदेश को शाकाहारी घोषित कर दे।

सरकार की ओर से प्रस्तुत किए गए शपथपत्र पर सख्त नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने सचिव शहरी विकास, जिलाधिकारी नैनीताल, नगरपालिका नैनीताल के अधिशासी अधिकारी, नगर आयुक्त हल्द्वानी, ईओ रामनगर, ईओ मंगलौर पालिका के खिलाफ आपराधिक अवमानना के आरोप तय करते हुए सभी को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट में 27 नवंबर को भी सुनवाई जारी रहेगी।

मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। प्रदेश के मीट कारोबारियों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

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