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शेखावाटी में हाल ही में आए अंधड और बारिश ने खरीफ की अगेती फसलों के लिए संजीवनी का काम किया है। बारिश के कारण बढ़ी नमी की मात्रा के कारण किसान खेतों में अगेती बुवाई कर सकेंगे।

सीकर.

शेखावाटी में हाल ही में आए अंधड और बारिश ने खरीफ की अगेती फसलों के लिए संजीवनी का काम किया है। बारिश के कारण बढ़ी नमी की मात्रा के कारण किसान खेतों में अगेती बुवाई कर सकेंगे। बारिश के बाद बेहतर उत्पादन की आस में किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आने लगी है। कई किसानों ने पशुओं के लिए चारे और सिंचाई सुविधा वाले किसानों ने बुवाई के लिए मानस भी तैयार कर लिया है। वहीं बारानी खेतों की सुध लेनी शुरू कर दी है। साथ ही किसान पशु चारे के लिए देसी बीजों का जुगाड़ कर रहे हैं। एक माह तक नमी नहीं जाने के कारण लोगों का रुझान भी बारानी खेती के लिए बढ़ रहा है। कृषि विभाग ने खरीफ की बुवाई के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है। कार्ययोजना के अनुसार इस बार खरीफ की बुवाई चार लाख 83 हजार सात सौ हेक्टेयर में हुई है। जिसका अनुमानित उत्पादन चार लाख 96 हजार नौ पचास मीट्रिक टन आंका जा रहा है।
35 हजार हेक्टेयर में ज्यादा होगी बुवाई
खरीफ सीजन में इस बार बुवाई का रकबा 50 हेक्टेयर ज्यादा रहने का अनुमान है। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में संकर बाजरे की बुवाई 18 से 20 हजार हेक्टेयर और देसी बाजरे की बुवाई 15 हजार हेक्टेयर में ज्यादा की जाएगी। इसके अलावा ग्वार की 15 हजार हेक्टेयर में ज्यादा की जाएगी। पिछले वर्ष बारिश के कारण मूंग और मोठ की गुणवत्ता प्रभावित हुई थी इसे देखते हुए किसानों का रुझान कम है। वहीं मूंगफली मूंगफली गर्मी की बुवाई खरीफ की बुवाई का रकबा 50 हजार हेक्टेयर ज्यादा रहने का अनुमान है। कृषि विभाग ने भी खरीफ बुवाई के लिए लक्ष्य तय कर दिए है।
इस तरह होगी फसल
क्षेत्रफल, उत्पादन अनुमानित एमटी
बाजरा- 280000-322000
मंूग-46000-32200
मोठ-2000-1000
चंवळा-35000-24500
मूंगफली-20000-42000
तिल-500-250
ग्वार-10000-75000


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By udaen

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