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सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू की आजकल इतनी किस्में विकसित हो गई हैं कि व्यापारियों को इनकी क्वालिटी और खासियत की पहचान करना मुश्किल सा हो गया है। ऐसे में आजकल आलू की पहचान उसके स्वाद से होने लगी है।

शहर की सब्जी मंडी में ज्यादातर आलू पंजाब से आ रहा है, जो कई किस्मों में उपलब्ध है। मुख्य रूप से यहां ज्योति, पुखराज और ख्याति किस्म का सफेद आलू जालंधर और बठिंडा क्षेत्र से आ रहा है। लाल रंग का आलू, जो पहाड़ी आलू के नाम से भी जाना जाता है, यह पंजाब के मोगा और कोटकपूरा क्षेत्र में ज्यादा बोया जाता है। इसकी मुख्य किस्में कूफरी सन्दूरी, डेजरी और एलआर आदि हैं। इसके अलावा शुगर फ्री के नाम से भी आलू बिक रहा है। यह आलू बड़े-बड़े मॉल में पैंकिंग में 60 से 90 रुपए प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। महंगा होने के कारण यह हर जगह उपलब्ध नहीं है। खास बात यह है कि महंगा होने के बाद भी इसकी मांग कम नहीं है। लोगों का कहना है कि इसकी सब्जी और अन्य खाद्य सामग्री का स्वाद कुछ अलग ही है। जो एक बार इस आलू की सब्जी खा लेता है, उसको सामान्य आलू अच्छा ही नहीं लगता। कृषि अधिकारियों का कहना है कि शुगर फ्री के नाम से आलू की कुछ किस्में हमारे देश में विकसित हुई हैं।

आलू व्यवसायी कश्मीर ट्रेडिंग कंपनी के शनि वधवा ने बताया क लाल आलू टिक्की और समोसा सहित अन्य खाद्य सामग्री में बहुत उपयोग होता है। इसके स्वाद में करारापन होने से इसकी सब्जी और अन्य खाद्य पदार्थों का स्वाद ही कुछ अलग होता है। इसमें पानी की मात्रा सफेद आलू से कम पाई जाती है, जिसके कारण इसमें मिठास अधिक होती है। सफेद आलू बाजार में ज्यादा आ रहा है। अन्य किस्मों से सस्ता होने के कारण यह खूब बिकता है। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है। शहर के आसपास साधुवाली और कालूवाला आदि गांवों में इस आलू की खेती की जा रही है।

किसानों का कहना है कि खेत में पोटाश और नाइट्रोजनयुक्त उर्वरक डालकर इसका अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है। उर्वरक से इसका आकार बड़ा और उत्पादन अच्छा होता है। कृषि अनुसंधान अधिकारी मिलिंद सिंह ने बताया कि केन्दीय आलू प्रजनन अनुसंधान संस्थान कूफरी (शिमला) हिमाचल प्रदेश की ओर से आलू की बहुत सी किस्में विकसित की गई हैं। इसमें पुखराज, कूफरी देवा, कूफरी अलंकार, कूफरी चंद्रमुखी और कूफरी बादशाह के अलावा भी बहुत किस्में हैं। आजकल हमारे क्षेत्र में पुखराज की बुआई ज्यादा हो रही है। लाल आलू की पैदावार पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादा होती है। शुगर फ्री आलू के बारे में उन्होंने कहा कि कूफरी (शिमला) अनुसंधान केंद्र ने शुगर फ्री के नाम से आलू की कुछ किस्में विकसित की हैं। मॉल में पैकिंग में बिकने वाले आलू के बारे में उन्होंने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह आलू शुगर फ्री होगा।

मंडी में इन दिनों आलू की नई फसल की आवक शुरू हो गई है। यह पूना से आ रहा है। होलसेल में नए आलू के भाव 30 रुपए प्रति किलो हैं जबकि पुराना आलू क्वालिटी के अनुसार 8 से 15 रुपए के भाव से बिक रहा है।


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By udaen

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