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‘अति महत्वाकांक्षी’ है 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: अर्थशास्त्री आर नागराज

भारत को 2024 तक 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए सालाना नौ फीसदी विकास दर हासिल करनी होगी, जो फिलहाल ‘अकल्पनीय रूप से महत्वाकांक्षी’ है। रविवार को प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री आर नागराज ने यह बात कही।

नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने मई 2019 में दूसरा कार्यकाल शुरू होने के तुरंत बाद अगले पांच साल में अर्थव्यवस्था के लिए 50 खरब डॉलर का लक्ष्य तय किया था। हालांकि उसके बाद से ही अर्थव्यवस्था के सामने कई मुश्किलें बनी हुई हैं, जिससे लक्ष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वर्तमान में भारत की जीडीपी अनुमानित तौर पर 2.8 लाख करोड़ डॉलर की है।

इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (आईजीआईडीआर) में प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) नागराज ने कहा, ‘लक्ष्य बेहद ज्यादा है और वर्तमान दशक के रिकॉर्ड को देखें तो इसे हासिल करना असंभव है। पिछले साल जुलाई के मेरे अनुमान के मुताबिक, 2020 से 2024 के बीच 50 खरब डॉलर का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत के लिए सालाना 9 फीसदी की आर्थिक विकास दर हासिल करना जरूरी है। विकास दर में लगातार गिरावट से यह लक्ष्य कुछ ज्यादा ही महत्वाकांक्षी नजर आता है।’

मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी विकास दर 5 फीसदी के साथ 11 साल के निचले स्तर पर पहुंचने की आशंकाएं मजबूत हो गई हैं, जिसकी मुख्य वजह विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों में सुस्ती मानी जा रही है। नागराज ने कहा, ‘जीडीपी में भारत का निर्यात अनुपात 2010 के दशक की शुरुआत से ही लगातार गिर रहा है। इसलिए, मैं गिरावट के रुझानों में बदलाव का कोई संकेत नहीं देखता हूं।’

17.75 लाख करोड़ की हो जाएगी सामुद्रिक अर्थव्यवस्था

कोलकाता। रक्षा सचिव अजय कुमार ने रविवार को कहा कि भारत ने सामुद्रिक अर्थव्यवस्था को 2024 तक 250 अरब डॉलर (17.75 लाख करोड़ रुपये) तक ले जाने पर विचार कर रहा है, जिसको सुरक्षा देने की जिम्मेदारी भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) की होगा। भारत की 7,500 किमी की तटीय रेखा से लगा विशेष आर्थिख क्षेत्र 20 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक फैला है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सामुद्रिक क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 5 फीसदी है।


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By udaen

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