मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर गुरूवार को सचिवालय में अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग एवं विभागों के मध्य बैठक आयोजित की गयी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर गुरूवार को सचिवालय में अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग एवं विभागों के मध्य बैठक आयोजित की गयी। अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु सरकारी विभागों के रिक्त पदों को शीघ्र भरे जाने हेतु शीघ्र कार्यवाही की जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में आयोग के अधियाचन भेजना सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने कहा कि विभाग अपने अधियाचन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार से अधियाचन भेज सकते हैं। इसके लिए इंटीग्रेटेड रिक्रूटमेंट पोर्टल के माध्यम से अधियाचन भेजे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल में जानकारी अपलोड किए जाने हेतु विभागों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन विभागों के अधिकारियों को अभी तक प्रशिक्षण नहीं मिला है, उन्हें शीघ्र अतिशीघ्र प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि शासन व सरकार को रिक्त पदों की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मिलती रहे। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे पदों जिनकी कार्यक्षेत्र व योग्यता समान है, उन पदों हेतु एक साथ परीक्षाएं करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग में भी जूनियर इंजीनियर के पदों की भर्ती हेतु अलग से परीक्षा करवायी जाती है। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के कनिष्क अभियंता व सहायक अभियंता के पदों की भर्ती हेतु एक साथ परीक्षाओं का आयोजन किया जाए। इससे अनावश्यक विलम्ब से बचा जा सकेगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन विभागों के अधियाचन लोक सेवा आयोग द्वारा वापस भेजे गए हैं, उन पदों के अधियाचन भी अगले 15 दिनों में शीघ्र आयोग को भेजे जाएं। इस अवसर पर लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ चयन आयोग एवं सभी विभागों उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर गुरूवार को सचिवालय में अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग एवं विभागों के मध्य बैठक आयोजित की गयी।   मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर गुरूवार को सचिवालय में अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी […]

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देहरादून में आयोजित किया गया उत्तराखण्ड राज्य की पंचायती राज संस्थाओं हेतु सम्पर्क और परिचय कार्यक्रम संसदीय लोकतंत्र प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) लोक सभा सचिवालय और पंचायती राज विभाग द्वारा शुक्रवार को देहरादून स्थित एक होटल में उत्तराखण्ड की पंचायतीराज संस्थाओं हेतु संपर्क और परिचय कार्यक्रम के तहत ‘‘पंचायतीराज व्यवस्था विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का सशक्तीकरण’’ विषय पर आयोजित सम्मेलन का शुभारम्भ करते हुए लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत भी है और सशक्त भी है। इसको और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। भारत के संविधान की मूल भावना लोकतांत्रिक गणराज्य की थी। जनता को मध्य में रखकर हमारी शासन व्यवस्था रहे। आजादी के बाद से भारत में अभी तक 17 लोकसभा एवं 300 से अधिक विधानसभा के चुनाव हुए हैं। लोकतंत्र के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा तथा लगातार लोगों का मतदान के प्रति रूझान बढ़ा है। लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र पंचायत से संसद तक मजबूत हो इसके लिए पंचायतीराज व्यवस्था के अन्तर्गत भी संवैधानिक प्राविधान किये गये। ताकि गांवों में चुनी हुई सरकार को संवैधानिक अधिकार मिलें। 73वें संविधान संशोधन में माध्यम से ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाया गया। लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड सीमांत क्षेत्र है, राज्य के अनेक जिले अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे हैं। उत्तराखण्ड से सबसे अधिक जवान सीमाओं पर डटकर देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम, क्षेत्र एवं जिला पंचायतों का सशक्तिकरण बहुत जरूरी है। सर्वांगीण विकास के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों का समान विकास हो, इसके लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास एवं आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प लिया है इस दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की धरती पुण्य एवं तप की भूमि है। सदियों से तपस्वियों, ऋषियों एवं मनीषियों ने उत्तराखण्ड में तप किया। यह हमारी आस्था की धरती है, श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ सहित चारधाम यहां स्थित हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने पर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से नई ऊर्जा और स्फूर्ति का अनुभव होता है। इससे पूर्व उन्हें पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन में प्रतिभाग करने के लिये उत्तराखण्ड आने का अवसर प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि देश में पंचायतीराज व्यवस्था एवं विकेन्द्रीकृत शासन के माध्यम से ग्राम पंचायतों से लेकर संसद तक किस तरह लोकतंत्र को और अधिक से अधिक मजबूत बनाया जा सकता है, इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से हम देश की जनता की आशाओं, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। भारत का लोकतंत्र सदियों पुराना है। लोकतंत्र की शुरूआत गांवों से होती हैं। पंचायतों के माध्यम से जो निर्णय होते थे, उसे गांव के सब लोग मानते थे। भारत ने विश्व के अनेक देशों को लोकतंत्र के माध्यम से दिशा देने का काम किया है। हमारी लोकतंत्र की अवधारणा मजबूत भी है और सशक्त भी है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग करते हुए कहा कि राज्य में ‘‘पंचायतीराज व्यवस्था विकेन्द्रीकृत शासन व्यवस्था का सशक्तीकरण’’ विषय पर सम्मेलन होना हमारे लिये गर्व की बात है। भारत आज दुनिया के मजबूत लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। इस मजबूती के लिए पंचायतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। गांवों के विकास के बगैर शहरों का विकास नहीं हो सकता है। विकास के लिए गांव और शहर एक दूसरे से पारस्परिक रूप से जुड़े हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए विकास का मॉडल भ्रष्टाचार मुक्त होना जरूरी है। ग्रामीण विकास के लिए स्थानीय उत्पादों, कच्चे माल एवं प्राकृतिक संसाधनों को सदुपयोग होना जरूरी है। उत्तराखण्ड में लगभग 16 हजार गांव हैं। उनकी आजीविका में सुधार के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। राज्य में रूरल ग्रोथ सेंटर बनाये जा रहे हैं। अलगअलग उत्पादों पर आधारित 107 ग्रोथ सेंटर शुरू किये गये हैं। पिरूल की पत्तियों से बिजली बनाने का कार्य राज्य में शुरू हुआ है। पिरूल की पत्तियों से ब्रेकेट्स बनाने का कार्य हो रहा है। पिरूल से ब्रेकेट्स बनाने के कार्य से इससे 40 हजार लोगों को रोजगार मिल सकता है। इन्वेस्टर समिट के दौरान में पर्वतीय क्षेत्रों 40 हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री सोलर स्वरोजगार योजना के तहत 2525 किलोवाट तक की 10 हजार योजनाएं स्वीकृत की हैं। राज्य सरकार की ये योजनाएं पंचायतों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड सीमांत प्रदेश है। हम सीमाओं के सुरक्षा प्रहरी भी हैं। इसके लिए गांवों से पलायन का रूकना बहुत जरूरी है। राज्य में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास निधि योजना शुरू की गई है। हमारे सीमांत क्षेत्रों में कैसे लोग रहें, पर्यटक जायें। सीमान्त क्षेत्रों में लगातार आवाजाही रहे। इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को भी सीमांत क्षेत्रों में कुछ दिन का भ्रमण जरूर करना चाहिए, ताकि ऐसे क्षेत्रों में रह रहे लोगों का मनोबल बढ़ा रहे। सीमांत क्षेत्रों में एनसीसी कैंप लगाये जायेंगे। राज्य सरकार ने पिछले पौने चार साल में साढ़े पांच सौ से अधिक गांवों को सड़कों से जोड़ने का का कार्य किया। हर घर में बिजली पहुंचाई है। राज्य के हर परिवार को 05 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य कवरेज देने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी 14 लाख परिवारों को 2022 तक मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। साढ़ पांच लाख पानी के कनेक्शन दिये जा चुके हैं। शहरी गरीबों को भी मात्र 100 रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। राज्य में पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक जनप्रतिनिधि महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य की माताओं और बहनों के सिर से घास की गठरी हटे, इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं, अधिकारियों को 05 साल के अन्दर इसका समाधान निकालने के लिए निर्देश दिये हैं, ताकि किसी महिला को जंगली जानवरों एवं दुर्घटनाओं का शिकार न होना पड़े। विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि ‘‘पंचायतीराज व्यवस्था विकेन्द्रीकृत लोकतंत्र का सशक्तिकरण’’ सम्मेलन का शुभारम्भ देवभूमि उत्तराखण्ड से हो रहा है। पंचायतीराज व्यवस्था देश में प्राचीन समय से चली आ रही है। महात्मा गांधी जी के दर्शन भी पंचायतों से जुड़े हुए हैं। त्रिस्तरीय पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र सशक्तीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। पंचायतीराज व्यवस्था को ब्रिटिशकाल में महत्वहीन कर दिया गया था। लेकिन बाद में अनेक संशोधनों से इस व्यवस्था को मजबूती दी गई। 2004 में अलग से केन्द्रीय मंत्रालय बनाया गया। पंचायतीराज मंत्री श्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गांवों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। कोविड19 के दौरान छोटी सरकार के जन प्रतिनिधियों ने जनता की सेवा करने का सराहनीय कार्य किया। इस अवसर पर सांसद श्री अजय टम्टा, महासचिव लोकसभा श्री उत्पल कुमार सिंह, टिहरी जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोना सजवाण, सचिव पंचायतीराज श्री एच.सी सेमवाल एवं अन्य जन प्रतिनिधि उपस्थित थे। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग

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मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड19 के टीकाकरण हेतु पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड19 के टीकाकरण हेतु पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं।   कोविड19 टीकाकरण हेतु किए जाएं पुख्ता इंतजामः मुख्यमंत्री बेहतर तालमेल से मिलेंगे अच्छे परिणाम 12 जनवरी को प्रदेशभर में आयोजित किया जाएगा ड्राई रनः मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कोविड19 के टीकाकरण हेतु […]

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योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ

योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ   योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से ट्रेनों का संचालन प्रारम्भ ऋषिकेशकर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट का प्रथम स्टेशन है योगनगरी ऋषिकेश मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया। सोमवार से ऋषिकेशकर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट के पहले […]

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Bangladesh- Country in Focus for 51st IFFI

Ministry of Information & Broadcasting Bangladesh- Country in Focus for 51st IFFI International Film Festival of India announced this edition’s Country in Focus yesterday. The Country in Focus for the 51st IFFI is Bangladesh. The Country in Focus is a special segment that recognizes the cinematic excellence and contributions of the country. This section at the […]

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11th Instalment of Rs.6,000 crore released to the States as back to back loan to meet the GST compensation shortfall

Ministry of Finance 11th Instalment of Rs.6,000 crore released to the States as back to back loan to meet the GST compensation shortfall A total amount of Rs.66,000 crore released so far to all States and UTs with legislation This is in addition to additional borrowing permission of Rs.1,06,830 crore granted to the States The […]

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Environment Minister releases Management Effectiveness Evaluation (MEE) of 146 National Parks and Wildlife Sanctuaries.

Environment Minister releases Management Effectiveness Evaluation (MEE) of 146 National Parks and Wildlife Sanctuaries. Framework for Management Effectiveness Evaluation of Indian Zoos (MEE-ZOO) and of Marine Protected Areas also launched. Minister for Environment, Forest and Climate Change, Shri Prakash Javadekar today released Management Effectiveness Evaluation (MEE) of 146 National Park and Wildlife Sanctuaries in the […]

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CCI approves acquisition by Total SE through its subsidiary Total Renewables SAS in share capital of Adani Green Energy Limited

Ministry of Corporate Affairs CCI approves acquisition by Total SE through its subsidiary Total Renewables SAS in share capital of Adani Green Energy Limited The Competition Commission of India (CCI) approves acquisition by Total SE (‘Total/Acquirer’) through its subsidiary Total Renewables SAS in share capital of Adani Green Energy Limited (“AGEL”) under Section 31(1) of […]

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AYUSH Ministry’s webinar on Nidra and Yoga highlights the role of sleep in promoting good healt

AYUSH AYUSH Ministry’s webinar on Nidra and Yoga highlights the role of sleep in promoting good health “NIDRA- A webinar on Yoga and Sleep” hosted by the Central Council for Research in Yoga & Naturopathy (CCRYN), an Autonomous Body under the Ministry of AYUSH succeeded in focussing attention on a critical, but often neglected factor […]

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