पौड़ी कमिसिनेरी के 50 साल पूरे होने पर आज त्रिवेंद्र सरकार के फैसले आ गए , कैबिनेट में 13 बिंदुओं पर हुई चर्चा, इन 11 प्रस्तावों पर लगी मुहर।

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उत्तराखंड पौड़ी से त्रिवेंद्र सरकार के फैसले आ गए , कैबिनेट में 13 बिंदुओं पर हुई चर्चा, इन 11 प्रस्तावों पर लगी मुहर

शनिवार को पौड़ी कमिश्नरी के 50 साल पूरे होने पर स्वर्ण जयंती समारोह के तहत मुख्यालय में पहली बार त्रिवेंद्र सरकार के मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस मंत्रिमंडल की बैठक में आज यानी शनिवार को 13 बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिसमें से 11 प्रस्तावों पर मुहर लग चुकी है।

इस बैठक में रोजगार और स्किल डेवलपमेन्ट,
मंडी समिति में रिवॉल्विंग फंड को स्वीकृति,
पर्यटन विकास परिषद के साहसिक पर्यटन अधिकारी के वेतनमान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने,
चौखुटिया को नगर पंचायत का दर्जा देने,
देहरादून के पुरकुल तक मसूरी रोपवे का निर्माण पीपीपी मोड में देने पर,

पौड़ी में ल्वाली झील के लिये

करोड़ो रूपये स्वीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उत्पाद खरीदने,
उत्तराखंड दिव्यांगजन अधिकार
नियमावली-2019, परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा के लिए गठित लीड एजेंसी के पुनर्गठन,
पौड़ी के देवार में एनसीसी एकेडमी के लिए 3.66 हेक्टेयर जमीन फ्री में दिए जाने
और देहरादून सचिवालय के विस्तारीकरण के लिए सचिवालय से लगी 4.031 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण न करने के प्रस्तावों पर मुहर लगी।

वहीं बता दे कि मंत्रिपरिषद की बैठक में तीन मुद्दों पर चर्चा हुई। जिसमें ग्रामीण विकास एवं पलायन, पेयजल एवं स्वच्छता और कौशल विकास शामिल रहे। इस बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पूरी जानकारी रविवार को सुबह 10 बजे प्रेस कांफ्रेस कर मीडिया को देगे। इससे पहले आज सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू हुई। जिसमें शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को छोड़कर उत्तराखंड सरकार के तमाम मंत्री मौजूद रहे।

इसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक हुई। वहीं इस बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने रांसी में पौधरोपण किया ख़बर है कि ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत इन पौधों का नाम बालिकाओं के नाम पर रखा जाएगा।

जबकि पौधों की देखभाल बालिकाओं की माताओं द्वारा की जाएगी। यह पहली बार है जब मंत्री परिषद और मंत्रिमंडल की बैठक एक ही दिन रखी गई है।

बहराल त्रिवेंद्र सरकार ने पौड़ी मैं मंत्री मण्डल की बैठक कर सकेत देने की कोशिश की है कि अब पौड़ी गढ़वाल किसी उपेक्षा का शिकार नही होगा।

आज कैबिनेट बैठक की जानकारी शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने गढ़वाल कमीश्नरी सभागार में दी। कुल 13 विषय में से 11 की अनुमति दी गयी।

पहले मंत्रिपरिषद में मुख्यतः ग्राम्य विकास, पलायन पर नियंत्रण हेतु, पेयजल, स्वच्छता एवं कौशल विकास, स्वरोजगार विषय पर चर्चा की गयी।

कैबिनेट की बैठक का प्रारम्भ मा. कैबिनेट मंत्री अरविंद

पांडेय जी के पुत्र को श्रद्धांजलि देकर की गयी।

कैबिनेट के प्रमुख बिन्दु-

(1) पौड़ी के अन्तर्गत ल्वाली झील के निर्माण की सैद्धान्तिक स्वीकृति मिली। इसके लिए 6 करोड़ 92 लाख का बजट स्वीकृत हुआ। प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ स्वीकृत हुआ।

(2) सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा समिति के प्रारूप में पुनर्गठन हुआ है परिवहन आयुक्त के स्थान पर सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता संयुक्त आयुक्त परिवहन करेंगे।

(3) पर्यटन विकास परिषद् के अन्तर्गत साहसिक खेल अधिकारी, वरिष्ठ साहसिक खेल अधिकारी के वेतन विसंगति का निपटारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होनी थी। अब इसमें सम्बन्धित विभाग के सचिव, न्याय, वित्त एवं कार्मिक सचिव भी रहेंगे। महिला एवं बाल कल्याण विभाग के ग्रेड वेतन का निर्धारण मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति करेगी। सम्बन्धित विभाग के सचिव रहेंगे।

(4) मै. फिल इन्डस्ट्रीज लि., नई दिल्ली को पुरकुल-मसूरी रोपवे का कार्य दिया गया। इसे पी.पी.पी. मोड में समस्त कार्य का अधिकार दिया गया।

(5) विज्ञापन नीति के संशोधन को अनुमति दी गयी। वित्त विभाग इस हेतु अधिप्राप्ति नियमावली में संशोधन करेगा।

(6) सचिवालय समीप सचिवालय प्रशासन के लिए 26.54 करोड़ की भूमि अधिगृहित की गयी थी, परन्तु इसके अत्तराधिकारी न्यायालय चले गए तथा 15 वर्ष बाद भूमि की कीमत अधिक होने के कारण अधिगृहण का निर्णय निरस्त कर दिया गया।

(7)चौखुटिया नगर पंचायत की अनुमति दी गयी। 4464 जनसंख्या के लिए 12 नए ग्राम शामिल किए हैं।

(8) विधानसभा सत्रावसान की अनुमति दी गयी।

(9) दिव्यांगजनों के लिए सम्बन्धित अधिनियम 2016 हेतु नियमावली लायी गयी

लाभ-

(क) दिव्यांगजनों का आर्थिक, सामाजिक विकास होगा।

(ख) समान अवसर मिलेगा

(ग) हिंसा रूकेगी

11 पौड़ी में देवाल ग्राम पट्टी सितोनस्यू में एनसीसी प्रशिक्षण अकादमी हेतु 3.67 है. भूमि अधिग्रहण किया गया।

(12) वित्त कोषागार विभाग एनआईसी के अतिरिक्त आउटसोर्सिंग से भी कार्मिक रख सकते है।

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